हरियाणा सरकार ने राज्य में आतंकवाद से निपटने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के गठन पर सहमति दे दी है। मंजूरी के बाद प्रस्ताव को अंतिम वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट भेज दिया गया है।

इस फैसले के तहत गुरुग्राम में एक अलग एटीएस पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा, जबकि इसका मुख्यालय पंचकूला में स्थापित किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के मॉडल पर होगा गठन
गृह मंत्रालय की ओर से 2023 और 2024 में नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद विरोधी सम्मेलनों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक समान एटीएस संरचना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
17 जनवरी 2025 को हरियाणा सरकार को इस संबंध में पत्र भेजा गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मामले में दो बार रिमाइंडर जारी कर चुके हैं।
इसी के तहत अब हरियाणा में एटीएस का ढांचा गृह मंत्रालय द्वारा तय मॉडल के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
डीजीपी के नेतृत्व में करेगा काम
एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक (DGP) करेंगे। यह दस्ता सीआईडी चीफ के आदेश और नियंत्रण में कार्य करेगा तथा हरियाणा पुलिस प्रमुख के समग्र पर्यवेक्षण में रहेगा।
पंचकूला में सीआईडी के अंतर्गत एटीएस सेंटर स्थापित किया जाएगा।
एटीएस में बनेंगे 5 अहम विभाग
हरियाणा एटीएस को पांच प्रमुख शाखाओं में बांटा जाएगा:
- स्पेशल फोर्स – त्वरित कार्रवाई और कमांडो ऑपरेशन
- इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन विंग – खुफिया जानकारी और ऑपरेशनल रणनीति
- इन्वेस्टिगेशन एवं प्रॉसिक्यूशन विंग – केस की जांच और अदालत में पैरवी
- रिसर्च, एनालिसिस एवं ट्रेनिंग विंग – डेटा विश्लेषण और प्रशिक्षण
- एडमिनिस्ट्रेशन एवं लॉजिस्टिक्स विंग – प्रशासनिक और संसाधन प्रबंधन
एसपी-कमांडो पद का नाम बदलकर एसपी-स्पेशल फोर्स किया जाएगा।
एटीएस कर्मियों को मिलेगा 30% तक विशेष भत्ता
सरकार ने एटीएस में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष भत्ता देने का भी फैसला किया है। यह स्पेशल अलाउंस उनकी बेसिक सैलरी का 30% तक होगा।
गुरुग्राम के लिए क्यों अहम है एटीएस?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे गुरुग्राम में बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां, विदेशी निवेश और हाई-प्रोफाइल संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए यहां अलग एटीएस थाना स्थापित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि एटीएस के गठन से आतंकी गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई, बेहतर जांच, एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत अभियोजन सुनिश्चित होगा।
