गुरुग्राम के टीचर्स का विरोध तेज… जानिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कैसे बढ़ी चिंता

हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन-2197 की जिला कार्यकारिणी और सैकड़ों शिक्षकों ने शुक्रवार को जिला उप शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी को ज्ञापन सौंपकर सरकार से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम भेजा गया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश बढ़ा रहा है चिंता

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को आदेश दिया है कि पहली से आठवीं तक के सभी शिक्षकों को अगले दो वर्षों में टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।
जिला महासचिव सुनील अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 2011 के बाद भर्ती शिक्षकों के लिए टीईटी पहले ही जरूरी कर दिया था। लेकिन अब कोर्ट के आदेश से यह नियम सभी शिक्षकों पर लागू हो गया है।

पांच साल से कम सेवा वालों को छूट

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे कम शेष है, उन्हें इस नियम से छूट मिलेगी। वहीं, पदोन्नति पाने के इच्छुक शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना जरूरी होगा।

शिक्षकों के हितों की रक्षा होगी

जिला अध्यक्ष अमित भारद्वाज और वरिष्ठ उप प्रधान विजेंद्र खटाना के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के दौरान, जिला उप प्रधान मनीष भारद्वाज ने कहा –
“संघ शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।”

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

इस मौके पर ब्लॉक प्रधान सोहना भगवान दास, ब्लॉक प्रधान गुरुग्राम सुरेंद्र सिंह, ब्लॉक महासचिव गुरुग्राम पंकज शर्मा, ब्लॉक महासचिव सोहना सीमा रानी, प्रभु दयाल समेत अनेक शिक्षक मौजूद रहे।

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