गुरुग्राम। शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए गुरुग्राम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हीरो होंडा चौक से रामपुरा चौक तक करीब 10 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सुबह-शाम जाम से जूझते हैं वाहन चालक
हीरो होंडा चौक से लेकर रामपुरा चौक तक वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के पीक आवर में यहां वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है। खासतौर पर मॉनसून के दौरान गांव नरसिंहपुर के पास सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या के कारण हालात और खराब हो जाते हैं।
करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार आधे घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है, जिससे आम लोगों और व्यावसायिक वाहनों दोनों को परेशानी उठानी पड़ती है।
GMDA ने उठाया मुद्दा
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने इस समस्या को NHAI अध्यक्ष संतोष कुमार यादव के समक्ष रखा। इसके बाद निर्देश दिए गए कि हीरो होंडा चौक से रामपुरा चौक तक फ्लाईओवर निर्माण की डीपीआर तैयार करवाई जाए।
अधिकारियों का दावा है कि फ्लाईओवर बनने के बाद शहर में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
रोजाना गुजरते हैं एक लाख से अधिक वाहन
दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहन बड़ी संख्या में इस हाईवे का उपयोग करते हैं। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
हालांकि द्वारका एक्सप्रेसवे बनने के बाद कुछ समय के लिए ट्रैफिक कम हुआ था, लेकिन नवंबर में बिजवासन टोल प्लाजा शुरू होने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों की संख्या फिर बढ़ गई। बिजवासन टोल प्लाजा पर एक तरफ का टोल 220 रुपये होने के कारण कई व्यावसायिक वाहन इस मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
खेड़की दौला टोल प्लाजा के स्थानांतरण पर 5 मार्च को अहम बैठक
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की योजना भी लंबे समय से विचाराधीन है। NHAI की ओर से कांकड़ौला और पचगांव में जमीन की तलाश की गई थी, लेकिन ग्रामीणों और राजस्थान राइफल्स के ऐतराज के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका।
अब इस विषय पर 5 मार्च को दिल्ली में सड़क मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में GMDA के सीईओ, जिला उपायुक्त और NHAI के अधिकारी शामिल होंगे। उम्मीद है कि टोल प्लाजा के स्थानांतरण को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।
