दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर खेड़की दौला टोल प्लाजा को अब पचगांव की बजाय गांव सहरावन में शिफ्ट करने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जमीन का चयन कर लिया है और एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) से भूमि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।

पिछले सप्ताह एनएचएआई और एचएसआईआईडीसी की एक संयुक्त टीम ने गांव सहरावन का दौरा किया था। यहां हाईवे के दाईं ओर लगभग 28 एकड़ खाली जमीन मिली है, जो एचएसआईआईडीसी के अधीन है। इस पर किसी तरह का विवाद नहीं है। हालांकि, इस जमीन पर कुछ किसानों ने बाजरा बोया हुआ है, जिसके चलते किसानों ने 15 दिन की मोहलत मांगी है।
निर्माण कार्य इस माह से शुरू होने की संभावना
जमीन की पैमाइश पूरी होने के बाद एचएसआईआईडीसी इसका कब्जा एनएचएआई को सौंप देगा। इसके बाद, एनएचएआई के परियोजना अधिकारी योगेश तिलक की देखरेख में टोल प्लाजा निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस माह के अंत तक सहरावन में टोल प्लाजा निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
पचगांव योजना पर ग्रामीणों का विरोध
बता दें कि मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद एनएचएआई ने पहले पचगांव में टोल प्लाजा बनाने के लिए टेंडर आवंटित कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। लेकिन, ग्रामीणों के विरोध के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के हस्तक्षेप से यह योजना रद्द कर दी गई।
इस रद्दीकरण के कारण ठेकेदार को करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, अभी तक ठेकेदार ने एनएचएआई के पास नुकसान की भरपाई के लिए कोई बिल नहीं लगाया है।
