ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना अब ज़मीन पर तेज़ी से उतरती दिख रही है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने मेट्रो रूट के दूसरे चरण में बनने वाले नौ स्टेशनों के निर्माण के लिए जमीन का चयन कर लिया है। स्टेशनों पर यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकासी द्वारों हेतु हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से जमीन से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

तीन चरणों में आकार ले रही है ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो
जीएमआरएल ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को तीन चरणों में विभाजित किया है, ताकि निर्माण कार्य तय समय में पूरा किया जा सके।
- पहला चरण: मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक मेट्रो रूट और स्टेशन
- दूसरा चरण: सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का विस्तार
- तीसरा चरण: सेक्टर-33 में अत्याधुनिक मेट्रो डिपो का निर्माण
पहले चरण का टेंडर पहले ही आवंटित किया जा चुका है और निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
पाइलिंग मशीनों के साथ तेज़ी से चल रहा काम
निर्माण एजेंसी ने तीन पाइलिंग मशीनें तैनात कर दी हैं, जिससे मिलेनियम सिटी सेंटर से बख्तावर चौक के बीच निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है। दूसरे चरण में जिन नौ मेट्रो स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है, वे इस प्रकार हैं:
- सेक्टर-7
- सेक्टर-4
- सेक्टर-5
- अशोक विहार
- सेक्टर-3
- बजघेड़ा
- पालम विहार एक्सटेंशन
- पालम विहार
- सेक्टर-23ए
सड़क के बीच बनेंगे स्टेशन, आसपास होंगे प्रवेश द्वार
जीएमआरएल के अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मेट्रो स्टेशन सड़क के बीचों-बीच बनाए जाएंगे, जबकि प्रवेश और निकासी द्वार स्टेशन के आसपास की जमीन पर तैयार किए जाएंगे। कुछ स्थानों पर यह जमीन हरित क्षेत्र में आती है, जबकि कुछ हिस्से निजी स्वामित्व में हैं।
एचएसवीपी की जमीन होने पर वह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, निजी जमीन के मामलों में जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति जमीन मालिकों से बातचीत कर जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
रेलवे स्टेशन से सीधे जुड़ेगा ओल्ड गुरुग्राम
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो को सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। लगभग दो किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर को पहले भोंडसी से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो का हिस्सा माना गया था, लेकिन अब इसे ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में शामिल कर लिया गया है। इस रूट पर दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की संभावना है।
409 करोड़ की लागत से बनेगा सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो
सेक्टर-33 में प्रस्तावित मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए जीएमआरएल ने करीब 409 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है। जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। लगभग 45 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह डिपो परियोजना का अहम हिस्सा होगा और इसके तय समयसीमा में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क पैमाइश के बाद हटेंगी बाधाएं
हीरो होंडा चौक से लेकर सेक्टर-101 तक मेट्रो निर्माण के दौरान कई वैध और अवैध निर्माण बाधा बन रहे हैं। इसे लेकर जीएमआरएल और एचएसवीपी की टीमें सड़क की पैमाइश कर रही हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद जमीन खरीद नीति के तहत मकानों और दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
