ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने गुरुवार शाम एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया। जीएमडीए ऑफिस के बाहर पहले पिलर की खुदाई का शुभारंभ किया गया। निर्माण एजेंसी ने एक साथ चार स्थानों पर पाइल ड्रिलिंग मशीनें तैनात कर दी हैं, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा होने का दावा किया जा रहा है।

पहले चरण में 15.3 किलोमीटर रूट का निर्माण
मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक लगभग 15.3 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है। सितंबर में भूमि पूजन के बाद टेस्ट पाइल का कार्य शुरू हुआ था। निर्धारित 10 स्थानों में से अब तक 6 जगहों के सफल टेस्ट पाइल परिणाम आ चुके हैं, जबकि 4 लोकेशन पर टेस्ट पाइलिंग जारी है।
गुरुवार से पिलर निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। एक पिलर के लिए करीब एक-एक मीटर गहराई में चार पाइल तैयार किए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक पिलर को तैयार होने में 15 दिन लगेंगे। उम्मीद है कि जनवरी से जमीन पर पिलर दिखाई देने लगेंगे। कुल 634 पिलर तैयार किए जाने हैं।
परियोजना को चार हिस्सों में बांटा गया
पहले चरण के निर्माण कार्य को चार सेगमेंट में विभाजित किया गया है:
- मिलेनियम सिटी सेंटर से सुभाष चौक
- सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक
- हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक
- उमंग भारद्वाज चौक से सेक्टर-9
हर सेगमेंट में अलग-अलग मशीनें तैनात की गई हैं, जिससे काम तेजी से आगे बढ़ सके।
कास्टिंग यार्ड का निर्माण तेज़
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सेक्टर-33 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में कास्टिंग यार्ड तैयार किया जा रहा है। यहाँ पुलिस चौकी, कर्मचारियों के लिए कैंटीन और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी बनाई जा रही हैं।
ग्रैप के दौरान भी नहीं रुकेगा काम
जीएमआरएल के एक अधिकारी ने बताया कि GRAP (एयर क्वालिटी कंट्रोल प्लान) लागू होने के बावजूद मेट्रो निर्माण कार्य जारी रहेगा। धूल नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए जा रहे हैं, साथ ही सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
