ओल्ड गुरुग्राम की जाम समस्या का निकलेगा बड़ा हल? मेट्रो और एलिवेटेड रोड को लेकर बनी खास रणनीति

ओल्ड गुरुग्राम में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। सोमवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पी.सी. मीणा ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर एलिवेटेड रोड कॉरिडोर और मेट्रो परियोजनाओं की संयुक्त योजना पर मंथन किया।

बैठक में जीएमआरएल एवं एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. चंदर शेखर खरे, जीएमआरएल के निदेशक (परियोजना) डॉ. संगवा, एचएमआरटीसी के प्रधान परामर्शदाता श्री एस.डी. शर्मा सहित तीनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का फोकस ओल्ड गुरुग्राम के कोर इलाकों में ट्रैफिक दबाव को कम करना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बहु-स्तरीय परिवहन व्यवस्था विकसित करना रहा। जीएमडीए जहां एलिवेटेड रोड कॉरिडोर और फ्लाईओवर की योजना पर काम कर रहा है, वहीं जीएमआरएल दो अहम मेट्रो रूट—मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोंडसी—को विकसित करने की तैयारी में है।

इन दोनों मेट्रो रूट के संचालन के लिए सेक्टर-33 में एक साझा मेट्रो डिपो प्रस्तावित किया गया है, जिससे लागत और संचालन दोनों में दक्षता आएगी।

सीईओ जीएमडीए श्री पी.सी. मीणा ने स्पष्ट किया कि ओल्ड गुरुग्राम को प्रभावी रूप से जाम-मुक्त करने के लिए मेट्रो और सड़क अवसंरचना की योजना आपसी तालमेल के साथ बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेट्रो कॉरिडोर को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के अनुरूप डिजाइन करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए।

बैठक में ओल्ड रेलवे रोड और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोंडसी तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के साथ-साथ सड़क नेटवर्क के संयुक्त विकास पर भी चर्चा हुई। साथ ही भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए पर्याप्त राइट ऑफ वे (ROW) सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो और एलिवेटेड रोड की इस साझा योजना से ओल्ड गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी।

बैठक के अंत में सीईओ जीएमडीए ने जीएमआरएल और एचएमआरटीसी को निर्देश दिए कि सभी मेट्रो और सड़क परियोजनाओं में आपसी समन्वय बनाए रखें और संबंधित विभाग तकनीकी सुझाव दें, ताकि आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था तैयार की जा सके।

More From Author

अब गुरुग्राम की हर गली में पहुंचेगी कचरा गाड़ी, लेकिन मेयर ने शुल्क को लेकर क्या कहा?

गुरुग्राम में पार्किंग विवाद ने लिया खूनी रूप, आयुर्वेद डॉक्टर ने डिलीवरी वर्कर को SUV से बेरहमी से कुचला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *