सोहना नगर परिषद क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड में लगातार आग लगने से आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। लगातार उठते धुएँ और बदबू के कारण स्थानीय निवासी परेशान हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर परिषद के आधा दर्जन से अधिक पार्षद अब विरोध के मोर्चे पर उतर आए हैं।

पार्षदों का कहना है कि कूड़ा जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति आग लगाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पार्षदों ने यह भी कहा कि GRAP-I नियम लागू हो चुके हैं, जिनके तहत वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की लापरवाही के कारण कूड़े के ढेरों में आग लगाई जा रही है। कुछ पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी कभी-कभी कूड़ा जलाने में शामिल हैं।

वार्ड नंबर 13 के पार्षद टेकचंद ने बताया कि अरावली पर्वत श्रृंखला के पास बने इस डंपिंग यार्ड की स्थापना अवैध है। यहाँ सड़क किनारे कूड़ा जमा किया जाता है, जिसे कागज़ बीनने वाले या असामाजिक तत्व आग लगा देते हैं। आग लगने के बाद कई बार दो-दो दिन तक धुआँ नहीं थमता, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
पार्षद हरीश नंदा ने बताया कि नगर परिषद के सभी पार्षदों ने मिलकर निर्णय लिया है कि यह डंपिंग यार्ड तत्काल बंद किया जाए और कूड़ा निस्तारण के लिए वैकल्पिक जगह तय की जाए। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला के बीच किसी भी हालत में डंपिंग यार्ड संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
पार्षदों ने नगर परिषद से फौरन कार्रवाई की मांग की है, ताकि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य और वातावरण सुरक्षित रह सके।
