सोहना की टूटी सड़कों से मिलेगी राहत! 3 हजार गड्ढे भरने उतरेगा पीडब्ल्यूडी

हर दिन स्कूल जाते बच्चे, खेतों की ओर जाते किसान और दफ्तर के लिए निकलने वाले कर्मचारी… लेकिन रास्ता ऐसा कि हर कुछ मीटर पर झटका। सोहना और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की बदहाल स्थिति लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई थी। अब इन परेशानियों पर विराम लगने की उम्मीद जगी है।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सोहना क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर बड़े पैमाने पर मरम्मत अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ‘म्हारी सड़क’ पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर जिले की करीब 75 से 80 किलोमीटर लंबी सड़कों को चिन्हित किया गया है, जहां तीन हजार से अधिक गड्ढे भरे जाएंगे।

25 से अधिक इलाके होंगे कवर
इस अभियान के तहत सोहना के 25 से ज्यादा इलाकों की सड़कों की मरम्मत की जाएगी। जिन प्रमुख मार्गों पर काम होगा, उनमें रिठौज-धूमसपुर, सोहना-अभयपुर, लोहटकी, सोहना-दमदमा, भोंडसी-हरचंदपुर, भोंडसी-खेड़ला, सोहना-दौला, निमौठ-सरमथला और सोहना ढाणी-रायसीना जैसी सड़कें शामिल हैं।

इन सड़कों की लंबाई दो से छह किलोमीटर तक है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने इन्हें खतरनाक बना दिया है।

हादसों का बढ़ा खतरा
बरसात के दौरान जलभराव और अंधेरे में नजर न आने वाले गड्ढों के कारण कई बार वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से शिकायत कर रहे थे, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था।

मार्च 2026 तक पूरा होगा काम
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता चरणदीप सिंह के अनुसार, अत्यधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द शुरू होगी और इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मॉनसून के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। कार्य की नियमित जांच होगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
तीन हजार गड्ढों की मरम्मत के बाद गांवों के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन भी आसान होगा।

अब देखना यह है कि यह अभियान कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ जमीन पर उतरता है।

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