दिल्ली-NCR में बढ़ते गैंगस्टर नेटवर्क पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने साफ कहा है कि आम आदमी की नजर में अब क़ानून का डर पहले की तुलना में घट गया है — और यह लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक संकेत है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि गैंगस्टरों के साथ बेवजह सहानुभूति नहीं दिखाई जानी चाहिए, बल्कि समाज को इन अपराधियों से जल्द छुटकारा पाना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि न्यायपालिका की भूमिका सिर्फ केस निपटाना नहीं बल्कि समाज में भय और न्याय का संतुलन बनाए रखना भी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती – नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए गृह मंत्रालय के सचिव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इस विषय पर केंद्र सरकार का पक्ष जानना जरूरी है।
चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई
यह मामला अब चार सप्ताह बाद दोबारा सूचीबद्ध (लिस्ट) किया जाएगा। यानी अगले महीने फिर से इस पर सुनवाई होगी, जिसमें केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
