हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने प्रदेश सरकार के फैसले को लागू करते हुए ग्रुप-डी की भर्ती में डीएससी (वंचित अनुसूचित जाति) और ओएससी (अन्य अनुसूचित जाति) के लिए आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया है। यह पहल हरियाणा में पहली बार इन जातियों के लिए नौकरियों में आरक्षण सुविधा को लागू करती है।
7,596 पदों पर भर्ती
सरकार के नोटिफिकेशन के बाद एचएसएससी ने ग्रुप-डी (चतुर्थ श्रेणी) के कुल 7,596 पदों पर नियमित भर्ती में इस आरक्षण को लागू करने का फैसला किया है। इनमें से डीएससी के लिए 605 और ओएससी के लिए 604 पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बीसीए, बीसीबी, ईडब्ल्यूएस, पीएच, ईएसपी, और ईएसएम श्रेणियों के लिए भी आरक्षित पदों का प्रावधान किया गया है।
महत्वपूर्ण जानकारी: ग्रुप-डी भर्ती के लिए कॉमन पात्रता परीक्षा (सीईटी) अनिवार्य है। सीईटी स्कोर के आधार पर पारदर्शी और मैरिट-आधारित चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम
हरियाणा सरकार ने इस भर्ती को सामाजिक समावेश और अंतर्विशिष्ट असमानताओं को दूर करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, केंद्र और हरियाणा सरकार का साझा लक्ष्य ‘अंत्योदय’ यानी समाज के सबसे वंचित वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता देना है।
“राज्य सरकार युवाओं को सशक्त बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह भर्ती प्रक्रिया न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि सामाजिक न्याय को भी मजबूत करेगी।” – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया
हरियाणा सरकार ने इस भर्ती को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग पर जोर दिया है। आवेदन और चयन प्रक्रिया को और अधिक सुगम और कुशल बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। यह पहल न केवल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी, बल्कि सामाजिक समानता और समावेश को भी बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह भर्ती प्रक्रिया समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े समुदायों को उनका हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
