01 जुलाई 2025 | गुरुग्राम
द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित बजघेड़ा टोल प्लाजा को शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस टोल को आधुनिक तकनीकों से लैस कर रहा है ताकि हाई स्पीड वाहनों को टोल टैक्स भुगतान में कोई रुकावट न आए।

मल्टी लेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन (MLFF) प्रणाली लागू होगी
NHAI की योजना है कि इस टोल प्लाजा पर Multilevel Free Flow Toll Collection System को लागू किया जाए। यह तकनीक वाहनों को बिना रुके टोल का भुगतान करने की सुविधा देती है। इसके लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बिना रुके होगा टोल पेमेंट
इस प्रणाली के तहत वाहन जैसे ही टोल क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, फास्टैग रीडर उनकी पहचान कर लेगा और खाते से खुद ही टोल कट जाएगा। इससे यातायात को रोकना नहीं पड़ेगा और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं समाप्त होंगी।
टोल प्लाजा पर लगाई गई हाई-टेक मशीनरी
बजघेड़ा टोल पर कुल 34 लेन बनाए गए हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख वाहन गुजर सकेंगे। सभी लेन पर AI आधारित उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे, फास्टैग स्कैनर और ट्रैफिक मॉनिटरिंग उपकरण लगाए गए हैं।
NHAI ने टोल सिस्टम का ट्रायल भी अपने स्तर पर पूरा कर लिया है। अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना (Notification) के बाद टोल वसूली शुरू की जाएगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
- एक्सप्रेसवे पर 8 एलिवेटेड लेन और 8 लेन की सर्विस रोड उपलब्ध है।
- यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली के द्वारका से लेकर गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा तक फैला हुआ है।
- ग्रेड-सेपरेटेड एलिवेटेड डिजाइन से ट्रैफिक फ्री मूवमेंट संभव होगा।
सभी तैयारियां पूरी, अब नोटिफिकेशन का इंतज़ार
NHAI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि टोल प्लाजा पर सभी मशीनें स्थापित कर दी गई हैं और कुछ अतिरिक्त उपकरण भी लगाए जा रहे हैं, जो हाई-स्पीड वाहनों की सुरक्षा और टोल कलेक्शन की सटीकता बढ़ाएंगे।
अब सिर्फ मंत्रालय की अधिसूचना जारी होने की प्रतीक्षा है, जिसके बाद टोल सेवा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
