सोमवार को गुरुग्राम के DLF फेज-2 थाना परिसर में किन्नरों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस की डायल 112 गाड़ी तोड़ दी। इस दौरान किन्नरों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। मामले के बाद थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

किन्नरों का आरोप – गलत काम करने का दबाव
शगुन नामक किन्नर ने आरोप लगाया कि रात करीब साढ़े 3 बजे MG रोड मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस राइडर पहुंचे और वहां खड़ी सोनाली, शिवी और रिया को भगाने लगे। इस दौरान पुलिस ने गलत काम करने का दबाव बनाया और विरोध करने पर कपड़े फाड़ दिए। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें थाने ले जाकर मारपीट की, जबकि वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
शगुन का कहना है कि 12 पुलिसकर्मियों ने 3 किन्नरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। CCTV फुटेज से सच सामने आ सकता है।

8 लोगों को पकड़ा, पानी तक नहीं दिया
शगुन ने बताया कि पुलिस ने 8 किन्नरों को थाने में बंद कर बाकी लोगों को बाहर निकाल दिया। अंदर बंद लोगों को पानी तक नहीं दिया गया और केस दर्ज करने की धमकी दी गई। एक किन्नर ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी पहले भी कई बार उनके साथ संबंध बना चुके हैं।
पुलिस का जवाब – आरोप बेबुनियाद
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने किन्नरों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि MG रोड पर किन्नरों की मौजूदगी को लेकर आसपास के लोग शिकायत करते रहे हैं। इस कारण समय-समय पर उन्हें वहां से हटाया जाता है।

पुलिस के अनुसार, सुबह 4 बजे के करीब पेट्रोलिंग टीम पर 8-9 किन्नरों ने बदतमीजी की और सरकारी बाइक को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद दो अलग-अलग थानों में FIR दर्ज कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों में राजू शेख, साजिद अली, निशा देब, पंकज रॉय, सुधा, राजनमा, सोनाली खातुन और सागर शामिल हैं। ये सभी पश्चिम बंगाल और असम के रहने वाले हैं। पुलिस का आरोप है कि ये लोग सुनसान जगहों पर खड़े होकर अश्लीलता फैलाते हैं।
