गुरुग्राम शहर के कई हिस्सों में इन दिनों गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सेक्टर-23ए, रतन विहार, जय विहार, सूरत नगर, सेक्टर-22, लक्ष्मण विहार और पटेल नगर समेत कई क्षेत्रों से इस समस्या की शिकायतें सामने आई हैं।

सेक्टर-23ए के ईस्ट जोन के निवासी पिछले दस दिनों से गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय आरडब्ल्यूए अध्यक्ष नीरू यादव ने बताया कि यहां लंबे समय से पानी की कमी बनी हुई है। जब पानी आता भी है, तो वह इतना कम होता है कि लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं, और जो पानी आता है, वह गंदा होता है।
नीरू यादव ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कम से कम तीन नए सबमर्सिबल ट्यूबवेल लगाए जाने चाहिए। हालांकि, टेंडर और अन्य औपचारिकताओं के कारण इसमें लगभग छह महीने का समय लग सकता है।
निवासियों ने तुरंत राहत के लिए नगर निगम से पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने की मांग की है। कई परिवार अपने पानी के टैंक बार-बार साफ करवा रहे हैं और मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी मंगवा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
नगर निगम की लापरवाही और जवाबदेही की कमी के कारण नागरिक परेशान हैं। वे कई बार हेल्पलाइन और जोनल कार्यालयों में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता विजय ढाका ने बताया कि शहर में जहां-जहां गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, वहां संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही पानी की आपूर्ति को दुरुस्त किया जाएगा।
