सेक्टर-37डी का ग्रीन व्यू प्रोजेक्ट फिर सुर्खियों में, क्या गिरेंगे बाकी टावर?

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से सेक्टर-37डी स्थित ग्रीन व्यू हाउसिंग प्रोजेक्ट के बचे हुए असुरक्षित टावर और ढांचे गिराने की मंजूरी मांगी है।

कंपनी ने अपने पत्र में कहा है कि ये इमारतें जर्जर हालत में हैं और जनजीवन व संपत्ति के लिए खतरा पैदा कर रही हैं, इसलिए उन्हें नियंत्रित तरीके से तुरंत ध्वस्त करना जरूरी है।

इस साल पहले टावर ई, एफ और जी को तोड़ने की अनुमति दी गई थी और उनका काम अब अंतिम चरण में है। अब एनबीसीसी ने टावर-ए, बी, सी और डी, दो ईडब्ल्यूएस ब्लॉक, स्कूल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अंडरग्राउंड टैंक को गिराने की इजाजत मांगी है।

प्रोजेक्ट का इतिहास:

  • ग्रीन व्यू प्रोजेक्ट 2009 में शुरू हुआ था।
  • इसमें 700 से ज्यादा फ्लैट थे, जिनमें से 255 बिक चुके थे।
  • फरवरी 2022 में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसे असुरक्षित घोषित किया और सभी परिवारों को बाहर निकलने का आदेश दिया।
  • तब से एनबीसीसी ने रेंट की व्यवस्था की है और खरीदारों को राहत दी जा रही है।

अब तक खरीदारों में से

  • 160 ने रिफंड चुना
  • 78 ने पुनर्निर्माण
  • 17 अभी निर्णय लेने वाले हैं।

एनबीसीसी ने कहा है कि पुनर्निर्माण तभी शुरू होगा जब सभी असुरक्षित ढांचे गिरा दिए जाएँ। डीटीपीई ने इस साल जून में प्रोजेक्ट का लाइसेंस मई 2027 तक बढ़ा दिया है। मंजूरी मिलने पर बचे टावरों का ध्वस्तीकरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और तीन साल से अटके प्रोजेक्ट का पुनर्निर्माण शुरू हो सकेगा।

एनबीसीसी का पत्र अब टाउन प्लानिंग विभाग में विचाराधीन है और फैसला जल्द ही लिया जाएगा, ताकि खरीदारों को राहत मिल सके।

अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग









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