गुड़गांव | साइबर सिटी में ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। गुड़गांव रेलवे स्टेशन से भोंडसी गांव तक नया मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए जल्द ही फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी।
यह कॉरिडोर सदर बाजार, जेल रोड और राजीव चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरेगा। राजीव चौक से आगे यह गुरुग्राम–सोहना हाईवे की सर्विस लेन के साथ विकसित किया जाएगा। रिपोर्ट तय करेगी कि कॉरिडोर एलिवेटेड बनाया जाए या भूमिगत।

ट्रैफिक का दबाव और बढ़ती आबादी
गुरुग्राम की आबादी 50 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है। हाईवे और चौड़ी सड़कें बनने के बाद भी 24 घंटे ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। खासकर रेलवे स्टेशन, ओल्ड रेलवे रोड, सदर बाजार और राजीव चौक के आसपास जाम आम बात है। भोंडसी की तरफ बढ़ते मॉल्स और सोसायटियों ने दबाव और बढ़ा दिया है। ऐसे में मेट्रो कनेक्टिविटी को ही स्थायी समाधान माना जा रहा है।
इंटरचेंज की सुविधा
नए कॉरिडोर में कई जगह इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि यात्री बिना बाहर निकले दूसरे रूट पर जा सकें। फिलहाल मिलेनियम सिटी सेंटर, हीरो होंडा चौक, गुड़गांव रेलवे स्टेशन, पालम विहार और साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज हब बनाया जाएगा। सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से भी नया कॉरिडोर जुड़ जाएगा।
RRTS से कनेक्टिविटी
यह नया नेटवर्क दिल्ली से अलवर तक बन रहे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ जाएगा। यानी गुरुग्राम के लोग सीधे दिल्ली और राजस्थान तक की तेज़ रफ्तार यात्रा कर पाएंगे।
पुराने गुरुग्राम के लिए अलग कॉरिडोर
इसके साथ ही पुराने गुरुग्राम के लिए 28.5 किमी का अलग कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है। दिसंबर 2028 तक यह प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है। लगभग 5,452 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में सेक्टर-9 तक 15.5 किमी का विस्तार होगा।
गुड़गांव मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने इस रूट की रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद निर्माण पर फैसला होगा। उम्मीद है कि नया कॉरिडोर बनते ही गुड़गांव से भोंडसी तक का सफर आसान हो जाएगा और शहर के जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
