गुरुग्राम स्थित डिजिटल पेमेंट कंपनी मोबिक्विक वॉलेट में करीब ₹40 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस बड़े फ्रॉड में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में कंपनी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

कंपनी के लीगल एडवाइजर ने दर्ज कराई एफआईआर
कंपनी के लीगल एडवाइजर बालकिशन लाधानिया ने सेक्टर-53 थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को खातों की जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली।
ऐसे किया गया धोखाधड़ी का खेल
जांच में सामने आया कि जब यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल हो रहा था, तो तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पैसे वापस जाने के बजाय ग्राहकों के खातों में जमा हो रहे थे। इसके अलावा कई लोगों ने अपने वॉलेट में मौजूद बैलेंस से भी ज्यादा रकम ट्रांसफर की।
इन फर्जी ट्रांजेक्शनों के जरिए कंपनी को कुल ₹40 करोड़ 22 लाख 32 हजार 210 रुपये का नुकसान हुआ।
कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका
शिकायत में कहा गया है कि यह फ्रॉड पूरी तरह साजिश और धोखे की नियत से किया गया। शुरुआती जांच में कंपनी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 314 और 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि कंपनी से जुड़े दस्तावेज और बैंकिंग जानकारी जुटाई जा रही है।
थाना सेक्टर-53 प्रभारी रामबीर सिंह ने कहा कि – “मामले की जांच की जा रही है, कंपनी से और डिटेल्स मांगी गई हैं। जांच के बाद धोखाधड़ी की राशि और भी बढ़ सकती है।”
