साइबर सिटी में प्रॉपर्टी टैक्स के बकाएदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने शहर के चारों जोनों में बड़े टैक्स डिफॉल्टरों की सूची तैयार की है। प्रत्येक जोन में लगभग 100 बकाएदारों की पहचान हुई है, जिन पर 20 लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।

मंगलवार को जोन-1 में नगर निगम की टैक्स विंग ने संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के तहत पांच संपत्तियां सील की गईं। इनमें बेस्टेक साइबर पार्क नरसिंहपुर स्थित ओवाना मुंजा पर 78,40,117 रुपये, बीआर अरोड़ा पर 69,03,051 रुपये, हरिलोक संपत्ति पर 17,24,867 रुपये और एक अन्य संपत्ति पर 1,49,80,950 रुपये का बकाया टैक्स शामिल है। इसके अलावा कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक संपत्ति पर 33,47,886 रुपये का बकाया टैक्स भी शामिल है। इनमें से कुछ संपत्तियों में तीन बेसमेंट भी शामिल हैं।
गुरुग्राम की संपत्ति श्रेणीवार स्थिति:
| आवासीय | 4,37,111 |
| वाणिज्यिक | 92,457 |
| औद्योगिक | 6,561 |
| संस्थागत | 4,408 |
| खाली प्लॉट | 1,11,361 |
| विशेष श्रेणी | 6,138 |
| मिश्रित उपयोग | 34,136 |
| कृषि | 13,430 |
| कुल संपत्तियां | 7,05,602 |
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग की कार्रवाई केवल जोन-1 तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में जोन-2, जोन-3 और जोन-4 में भी कर बकाएदारों के खिलाफ संपत्तियों की सीलिंग की जाएगी।
नगर आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी संपत्ति मालिकों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “कर देना नागरिकों की जिम्मेदारी है और यही शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करता है। बकाया राशि जमा न करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।”
नगर निगम का कहना है कि संपत्ति कर से प्राप्त राशि शहर के बुनियादी ढाँचे, सफाई व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होती है।
