साइबर अपराध थाना, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने लोन रिकवरी के नाम पर फोन कॉल्स, गाली-गलौच और ऑटो डायलर मशीन से बार-बार कॉल कर आमजन को परेशान करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
दिनांक 12.09.2025 को एक महिला ने पुलिस थाना साइबर अपराध गुरुग्राम को लिखित शिकायत दी थी कि उसे और उसके परिवार को अलग-अलग नंबरों से फोन कर लगातार धमकी दी जा रही है, गालियां दी जा रही हैं और अभद्र ऑडियो क्लिप भेजी जा रही हैं। शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।
डाबरी (दिल्ली) में छापा, 8 आरोपी काबू
प्रियान्शु दिवान, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध की टीम ने 16.09.2025 को डाबरी (दिल्ली) स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई
- गजाला परवीन (20 वर्ष), निवासी उत्तम नगर (पश्चिम दिल्ली)
- ईशा वर्मा (24 वर्ष), निवासी नजफगढ़ (नई दिल्ली)
- कहकशा बानो (26 वर्ष), निवासी डाबरी गांव (दिल्ली)
- मौरिस सिन्हा (26 वर्ष), निवासी नांगली सकरावती (दिल्ली)
- मुकेश चौहान (35 वर्ष), निवासी द्वारका सेक्टर-15 (दिल्ली)
- रीना बिष्ट (28 वर्ष), निवासी पालम गांव (दिल्ली)
- रोशनी (27 वर्ष), निवासी रघु नगर, डाबरी (दिल्ली)
- रोज़ी (23 वर्ष, ), निवासी सागरपुर (दिल्ली)
मास्टरमाइंड निकला संचालन
पूछताछ में सामने आया कि इस कॉल सेंटर का संचालन मुख्य आरोपी मुकेश चौहान कर रहा था। वह पिछले 2 वर्षों से यह कॉल सेंटर चला रहा था। मुकेश बैंकों से लोन लेने वाले व्यक्तियों और उनके परिजनों को कॉल करके वसूली करता था।
आरोपियों का तरीका
- लोनधारकों और उनके रिश्तेदारों को फोन कर गालियां देना
- महिलाओं को अश्लील वॉयस नोट भेजना
- ऑटो डायलर मशीन से अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल करना
- मानसिक उत्पीड़न करके भुगतान के लिए दबाव बनाना
मुनाफे का बंटवारा
मुकेश चौहान को प्रत्येक रिकवरी पर 17% कमीशन बैंक से मिलता था। कॉल सेंटर की महिला कर्मचारियों को रिकवरी पर 3% कमीशन और 15,000 रुपये महीने का वेतन दिया जाता था।
पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से
- 10 मोबाइल फोन
- 26 सिमकार्ड्स
- 01 ऑटो डायलर मशीन
- 01 लैपटॉप बरामद किया।
पुलिस का बयान
गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
