ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के काम में अब एक नया कदम जोड़ा जा रहा है। मेट्रो स्टेशन बनने के बाद उनके आसपास दुकानें और छोटे कॉमर्शियल स्पेस बनाए जाएंगे। इन दुकानों को लीज पर दिया जाएगा, जिससे होने वाली आमदनी मेट्रो के संचालन और रखरखाव में खर्च की जाएगी।

गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की चेयरपर्सन डी. तारा ने इस बारे में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को एक पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा है कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट पर बनने वाले 29 मेट्रो स्टेशन के पास या आसपास की सरकारी जमीन जीएमआरएल को दी जाए, ताकि उस पर यह दुकानें और अन्य वाणिज्यिक निर्माण हो सकें।
परियोजना को जमीन नहीं मिलने से हो रही दिक्कत
डी. तारा ने बताया कि अब तक जीएमआरएल को इस परियोजना के लिए कोई जमीन नहीं दी गई है।
जमीन की कमी की वजह से मेट्रो निर्माण और बजट प्रबंधन में दिक्कत आ रही है।
अगर जमीन मिल जाती है तो जीएमआरएल उस पर संपत्ति विकास और राजस्व सृजन कर सकेगी, जिससे मेट्रो को आर्थिक मदद मिलेगी और शहर में विकास भी बढ़ेगा।
मेट्रो रूट के आसपास बढ़ेगा विकास
डी. तारा ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार को मेट्रो रूट के पास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति लागू करनी चाहिए।
इस नीति के तहत मेट्रो रूट से 800 मीटर के दायरे में बने घरों और बिल्डिंगों को अतिरिक्त FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो) का फायदा मिलता है।
इससे लोगों को मेट्रो तक आसानी से पहुंच मिलती है और आसपास के इलाके का शहरी विकास भी होता है।
पेड़ों की कटाई जारी, बदले में लगाए जाएंगे नए पौधे
मेट्रो रूट पर आने वाले पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।
फिलहाल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर पेड़ों को हटाया जा रहा है।
इन पेड़ों के बदले में कुंडली–मानेसर–पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
30 नवंबर तक लग जाएगी बेरीकेडिंग
मेट्रो निर्माण कंपनी ने बताया है कि 30 नवंबर तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर बेरीकेडिंग पूरी कर ली जाएगी।
कंपनी के अनुसार, अगले महीने के पहले या दूसरे हफ्ते तक करीब 3,000 बेरीकेड साइट पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
