सोहना में बीते गुरुवार को हुए एक हमले के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पीड़ित परिवार ने तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

हमले में घायल युवक की पहचान नरेश, निवासी सोहना, के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से तहसील गया था, तभी कुछ लोगों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। नरेश के हाथ-पैर टूट गए और उसे गंभीर अवस्था में सोहना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गांव नंगली के तीन युवक गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में गांव नंगली निवासी सतबीर, मोनू और दिनेश को गिरफ्तार किया है।
एसीपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आपसी लेनदेन की पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत होता है।
“पुलिस निष्पक्ष रूप से जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा,”
एसीपी जितेंद्र कुमार ने कहा।
तहसीलदार पर हमले की साज़िश का आरोप
पीड़ित नरेश और उसके परिजनों का कहना है कि तहसीलदार शिखा गर्ग की शह पर ही उन पर हमला कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
इन आरोपों के बाद पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर) समेत आईपीसी की धारा 115(2), 126(2) और 351 के तहत मामला दर्ज किया है।
कॉल डिटेल्स खंगाल रही है पुलिस
पुलिस ने बताया कि पीड़ित और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमले के पीछे किसकी भूमिका रही।
जल्द ही आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त गाड़ियां और डंडे बरामद हो जाएंगे।
परिवार मांग रहा निष्पक्ष जांच
पीड़ित परिवार ने तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच करे तो पूरा सच सामने आ जाएगा। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही किसी भी सरकारी अधिकारी की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।
