गुरुग्राम शहर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब गुरुग्राम में जहां-जहां CCTV कैमरे या ऑटोमेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हैं, उन इलाकों में पुलिस कर्मी मौके पर चालान नहीं काटेंगे।
हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि कैमरा आधारित सिस्टम पहले से ही उल्लंघनों को रिकॉर्ड कर ई-चालान जारी करता है, इसलिए फिजिकल चालान की अब जरूरत नहीं है।

कैमरा सिस्टम से होगा पूरा नियंत्रण
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि उन्होंने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा को निर्देश दिए हैं कि जिन इलाकों में कैमरे लगे हैं, वहां फिजिकल चालान तुरंत प्रभाव से बंद किए जाएं।
इस आदेश के बाद डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने नई व्यवस्था को लागू कर दिया है। अब सभी कैमरा-कवर्ड क्षेत्रों में ट्रैफिक उल्लंघनों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी।
दोहरे चालानों से मिलेगी राहत
गुरुग्राम में इस समय 119 स्थानों पर ट्रैफिक नियमों की जांच होती है, जिनमें से 28 स्थानों पर करीब 300 कैमरे लगे हैं।
अभी तक कई वाहन चालकों की शिकायत थी कि जहां ई-चालान जारी हुआ, वहीं पुलिस कर्मी ने फिजिकल चालान भी काट दिया।
अब इस नई व्यवस्था से दोहरे चालानों की समस्या खत्म होगी और ट्रैफिक सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।
50 प्रमुख चौराहों और हाईवे सेक्शनों पर फिजिकल चालान बंद
डीजीपी ने कहा कि जहां भी कैमरे के जरिए ई-चालान सिस्टम लागू है, वहां पुलिसकर्मी अब चालान नहीं करेंगे।
इससे पुलिस बल का समय बचेगा और अधिकारी ट्रैफिक व्यवस्था को अन्य व्यस्त इलाकों में बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, 50 प्रमुख चौराहों और हाईवे सेक्शनों पर यह नियम लागू हो चुका है।
अब सभी ट्रैफिक उल्लंघन कैमरा फुटेज के आधार पर ई-चालान के रूप में वाहन मालिक के मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजे जाएंगे।
450 पुलिसकर्मी अब क्राइम कंट्रोल में लगाए जाएंगे
अब तक गुरुग्राम में करीब 450 पुलिसकर्मी फिजिकल चालान करने के लिए तैनात थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन्हें अब क्राइम कंट्रोल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया जाएगा।
इससे पुलिस बल की उपयोगिता और कार्यकुशलता दोनों बढ़ेगी।
लोगों ने कहा – सही फैसला, अब सिस्टम और पारदर्शी बनेगा
गुरुग्राम के स्थानीय निवासियों ने डीजीपी के इस फैसले का स्वागत किया है।
लोगों का कहना है कि इससे “अनावश्यक चालान की दिक्कतें खत्म होंगी” और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
