गुरुग्राम शहर में अवैध निर्माण पर शिकंजा कसते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने मंगलवार को सेक्टर-33 में यदुवंशी स्कूल के पास खड़ी दो कॉमर्शियल इमारतों को तुड़वा दिया। ये इमारतें बिना किसी वैध अनुमति और पास नक्शे के तेजी से बनाई जा रही थीं, जबकि एमसीजी कार्यालय कुछ ही दूरी पर मौजूद है।

कार्रवाई की कमान ड्यूटी मजिस्ट्रेट आर.एस. बाठ के हाथों में रही। उनके साथ जूनियर इंजीनियर वरुण की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोज़र चलाया गया। एहतियातन पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कोई तनाव पैदा न हो सके।
नक्शा नहीं, मंजूरी नहीं — फिर भी खड़ी कर दी इमारतें
नगर निगम अधिकारी बताते हैं कि:
- एक बिल्डिंग तीन मंजिला आकार ले चुकी थी
- दूसरी साइट पर बेस लेवल तक निर्माण जारी था

दोनों जगहों पर किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं मिली थी। निर्माणकर्ताओं ने दस्तावेज दिखाने की कोशिश की, मगर अधिकारी कार्रवाई पर अड़े रहे।
शिकायत के बाद हुई जांच
एमसीजी को शिकायत मिली थी कि स्कूल के नज़दीक अवैध रूप से दुकान और कॉमर्शियल ढांचा तैयार किया जा रहा है। जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद तुरंत तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति ट्रैफिक और सुरक्षा के लिहाज से खतरा पैदा करती।

हीरो होंडा से सुभाष चौक तक हटाया अतिक्रमण
उधर, एमसीजी इन्फोर्समेंट टीम ने उसी दिन मुख्य सड़क किनारे फैले अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की। हटाए गए ढांचों में शामिल थे:
- खोखे
- रेहड़ियां
- तंबू ढाबे
- अस्थायी दुकानें
इन्हें हटाकर सामान जब्त किया गया और दोबारा कब्जा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया पहले ही साफ कर चुके हैं कि
“शहर की प्लानिंग बिगाड़ने वाले किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह निगम कार्यालय से चंद कदम दूर ही क्यों न हो।”
उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि—
- कोई भी निर्माण शुरू करने से पहले नक्शा पास करवाएं
- नियमों की अनदेखी पर जुर्माना और ध्वस्तीकरण दोनों झेलने पड़ सकते हैं
