गुरुग्राम सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को और बेहतर बनाने के लिए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ.पी. सिंह ने गुरुग्राम के डीसीपी ट्रैफिक राजेश मोहन से विशेष बातचीत की है। इस दौरान डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अब गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस स्टैनफोर्ड डिज़ाइन थिंकिंग मॉडल के माध्यम से कार्य करेगी, ताकि शहर के ट्रैफिक सिस्टम को बिल्कुल यूज़र-फ्रेंडली बनाया जा सके।

लोगों से फीडबैक लेकर दूर किए जाएंगे Pain Points
डीजीपी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को आम नागरिकों की समस्या को सीधे समझना होगा।
जिन बिंदुओं पर यात्रियों को असुविधा होती है, जैसे—
- जाम की समस्या
- गलत पार्किंग
- सिग्नल टाइमिंग
- फुटपाथ सुरक्षा
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट व स्टॉप्स की कमी
- स्कूल-ऑफिस टाइम ट्रैफिक प्रबंधन
इन सबका व्यावहारिक समाधान निकालते हुए जल्द से जल्द सुधार लागू किया जाए।
“Sorry” और “Thank You” जैसे गोल्डन वर्ड्स का प्रयोग अनिवार्य
डीजीपी ओ.पी. सिंह ने ट्रैफिक पुलिस को व्यवहार में सुधार के बेहद स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा—
“ट्रैफिक पुलिस और रोड यूज़र्स का संवाद सौहार्दपूर्ण, शालीन और फ्रिक्शन-फ्री होना चाहिए।”
जिसके लिए हर ट्रैफिक पुलिसकर्मी को अपनी बातचीत में “सॉरी”, “थैंक यू” जैसे शब्दों का नियमित रूप से उपयोग करना होगा।
15 दिन बाद होगी समीक्षा — दिखना चाहिए सुधार
डीजीपी ने यह भी कहा कि इस अभियान के असर की समीक्षा पंद्रह दिन बाद की जाएगी।
दो मुख्य बिंदुओं पर मूल्यांकन होगा—
- ट्रैफिक फ्लो कितना तेज़ और स्मूथ हुआ है
- लोगों के यूज़र एक्सपीरियंस में कितना सुधार आया है
गुरुग्राम के लिए नया ट्रैफिक मॉडल?
गुरुग्राम लगातार बढ़ते वाहनों के कारण देश के प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स में गिना जाता है। ऐसे में यह आदेश शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
वहीं कुछ दिन पहले डीजीपी ने आदेश दिया था कि जिन इलाकों में कैमरे लगे हैं, वहां फिजिकल चालान तुरंत प्रभाव से बंद किए जाएं।
इस आदेश के बाद डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने नई व्यवस्था को लागू कर दिया है। अब सभी कैमरा-कवर्ड क्षेत्रों में ट्रैफिक उल्लंघनों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी।
दोहरे चालानों से मिलेगी राहत
गुरुग्राम में इस समय 119 स्थानों पर ट्रैफिक नियमों की जांच होती है, जिनमें से 28 स्थानों पर करीब 300 कैमरे लगे हैं।
अभी तक कई वाहन चालकों की शिकायत थी कि जहां ई-चालान जारी हुआ, वहीं पुलिस कर्मी ने फिजिकल चालान भी काट दिया।
अब इस नई व्यवस्था से दोहरे चालानों की समस्या खत्म होगी और ट्रैफिक सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।
50 प्रमुख चौराहों और हाईवे सेक्शनों पर फिजिकल चालान बंद
डीजीपी ने कहा कि जहां भी कैमरे के जरिए ई-चालान सिस्टम लागू है, वहां पुलिसकर्मी अब चालान नहीं करेंगे।
इससे पुलिस बल का समय बचेगा और अधिकारी ट्रैफिक व्यवस्था को अन्य व्यस्त इलाकों में बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, 50 प्रमुख चौराहों और हाईवे सेक्शनों पर यह नियम लागू हो चुका है।
अब सभी ट्रैफिक उल्लंघन कैमरा फुटेज के आधार पर ई-चालान के रूप में वाहन मालिक के मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजे जाएंगे।
450 पुलिसकर्मी अब क्राइम कंट्रोल में लगाए जाएंगे
अब तक गुरुग्राम में करीब 450 पुलिसकर्मी फिजिकल चालान करने के लिए तैनात थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन्हें अब क्राइम कंट्रोल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया जाएगा।
इससे पुलिस बल की उपयोगिता और कार्यकुशलता दोनों बढ़ेगी।
