गुरुग्राम क्राइम ब्रांच सेक्टर-17 ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो भारत और नेपाल में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी त्योहारों के दौरान बंद घरों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार (34) निवासी राहु बुध विहार कॉलोनी, गोसांईपुर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) और सूरज उर्फ सूरज (31) निवासी गांव जगतपुर, जिला औरैया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
क्राइम ब्रांच ने इनके कब्जे से चोरी की गई एक डायमंड और सोने की अंगूठी, एक बाइक तथा वारदात में प्रयुक्त पेचकस बरामद किया है।
दिवाली पर लौटे तो टूटा ताला और गायब थी ज्वेलरी
24 अक्टूबर को सेक्टर-10A के एक मकान में चोरी की वारदात को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। मकान मालिक त्योहार मनाने के लिए 21 अक्टूबर को अपने पैतृक घर यूपी गया था। 23 अक्टूबर को लौटकर उसे पता चला कि उसके घर से ज्वेलरी और नकदी चोरी हो चुकी है।
मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-17 को सौंपी गई, जिसने आरोपियों को धर दबोचा।
एक वकील के पास मुंशी, दूसरा ऑटो चालक
पूछताछ में खुलासा हुआ कि:
- अनिल कुमार लखनऊ में एक वकील के पास मुंशी का काम करता है
- सूरज गुरुग्राम में ऑटो चलाता है
दोनों नशे और चोरी के आदी हैं। ये पहले रेकी करते थे और जब घर खाली मिलता, तब वारदात को अंजाम देते थे।
त्योहारों पर होती थी ज्यादा वारदातें
आरोपियों ने बताया कि दिवाली व अन्य बड़े त्योहारों के दौरान ज्यादा चोरी करते थे, क्योंकि उस समय लोग घरों को ताला लगाकर बाहर जाते हैं। जिन घरों में कई दिनों से रोशनी न दिखे या बाहर ताला लगा हो, वही इनके मुख्य निशाने पर होते थे।
चोरी का माल बस से नेपाल ले जाते थे बेचने
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी के बाद दोनों आरोपी बस के जरिए लखनऊ होते हुए नेपाल बॉर्डर पहुंचते थे और चोरी का सामान वहां बेच देते थे। उसके बाद फिर गुड़गांव लौटकर अगली वारदात की योजना बनाते थे।
दोनों ने सेक्टर-9A में भी चोरी करने की बात स्वीकार की है।
आधा दर्जन से ज्यादा केस, नेपाल तक फैला नेटवर्क
गिरफ्तार अनिल के खिलाफ उत्तर प्रदेश में घरों में घुसकर चोरी करने के 15 केस दर्ज हैं। वहीं नेपाल में भी वह 6 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
