गुरुग्राम के मशहूर ढाबों पर गिरी गाज…अब बचेगा कौन?

नेशनल हाईवे दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर वर्षों से संचालित हो रहे गुरुग्राम के पांच पुराने और मशहूर ढाबों पर अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट (DTP-E) ने शुक्रवार को ढाबा संचालकों को चार सप्ताह के भीतर सीएलयू (Change of Land Use) लेकर प्रतिष्ठानों को नियमित कराने या खुद निर्माण हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया है। तय समय सीमा के भीतर नियम पूरे न करने पर विभाग द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।

कौन-कौन से ढाबे हैं कार्रवाई की ज़द में?

सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चल रहे ये पांच ढाबे सूची में शामिल हैं—

  • ओल्ड राव ढाबा
  • मुस्कान ढाबा
  • सांवरिया ढाबा
  • मन्नत ढाबा
  • बसंत ढाबा

इनमें से ओल्ड राव व मुस्कान ढाबा करीब 32-33 साल पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि शेष ढाबे भी 8 से 12 साल से संचालित हो रहे हैं। विभाग की ओर से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उचित जवाब न मिलने पर अब “रेस्टोरेशन ऑर्डर” जारी कर दिया गया है।

ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण


विभाग के अनुसार, ये सभी ढाबे ग्रीन बेल्ट एरिया में बने हुए हैं, जहां किसी भी तरह का व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस मामले में टाउन प्लानिंग मुख्यालय ने भी एक्शन के निर्देश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। संबंधित प्रावधानों के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।

ढाबा संचालकों की अपील — आजीविका न छीनी जाए


ढाबा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि:

ये ढाबे वर्षों से चल रहे हैं, सरकार को हमारी आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए। 2009 और 2011 में सरकार ने शर्तों के साथ संचालन की अनुमति दी थी। हमारी जमीन अभी तक अधिग्रहित नहीं की गई है और हमारे पास मालिकाना हक है। इसलिए सरकार पहले की तरह राहत नीति लाए।

विभाग का स्पष्ट संदेश

अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग ने कहा:

अंतिम मौका दे दिया गया है। 4 सप्ताह में सीएलयू लेकर जगह को वैध कराएं या रिस्टोर करें, अन्यथा नियमों के अनुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई होगी।

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