सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने गूगल के साथ मिलकर गूगल मैप पर एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब शहर की 129 प्रमुख सड़कों पर स्पीड लिमिट और एक्सीडेंट-प्रोन ज़ोन की जानकारी रियल-टाइम में प्रदर्शित होगी। यह फीचर गुरुवार, 6 नवंबर से लागू हो चुका है।

ट्रैफिक विभाग का कहना है कि यह तकनीकी पहल बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस आने वाले महीनों में इसे 200 से अधिक सड़कों तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
कैसे करेगा काम?
Google Maps अब ड्राइवरों को तुरंत अलर्ट भेजेगा:
- निर्धारित स्पीड लिमिट
- आगे मौजूद हाई-रिस्क और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र
- अचानक लेन बदलने पर चेतावनी
यातायात विभाग के अनुसार, ये डिजिटल अलर्ट ड्राइवरों को वाहन की गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करेंगे।

क्या बोले ट्रैफिक DCP राजेश मोहन?
कई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण होती हैं। अब Google Maps रियल टाइम में स्पीड लिमिट की जानकारी देगा, जिससे लोग जिम्मेदारी से ड्राइव कर सकेंगे।
— राजेश मोहन, डीसीपी ट्रैफिक
उन्होंने आगे कहा:
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 30 किमी/घं. की गति से चलने वाला चालक टक्कर में बचने की अधिक संभावना रखता है। यह सिस्टम दुर्घटनाओं को होने से पहले रोकने की दिशा में बड़ा कदम है।
सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले रास्ते
पुलिस डेटा के अनुसार, इस वर्ष अब तक 345 लोगों की मृत्यु और 580 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वे हैं:
- NH-48
- द्वारका एक्सप्रेसवे
- सोहना रोड
- गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड
इन जगहों पर Google Maps अब वर्चुअल अलर्ट और चेतावनी साइन दिखाएगा।
टेक्नोलॉजी के साथ बढ़ेगी निगरानी
- डिजिटल अलर्ट सिस्टम के साथ पुलिस ऑन-ग्राउंड सर्विलांस को भी मजबूत कर रही है:
- ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे
- ड्रोन निगरानी
- डिजिटल चालान प्रणाली
केवल इस साल एक्सप्रेसवे पर 50 से अधिक हादसे रिपोर्ट हुए हैं। वर्ष 2024 में गुरुग्राम में 1,000 से अधिक सड़क हादसे और 448 मौतें दर्ज की गई थीं।
