लंदन से लौटा और हथकड़ी लग गई – NRI की दो कोठियाँ हड़पने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फर्जी दस्तावेजों से NRI की करोड़ों की प्रॉपर्टी हड़पने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I (EOW-I) ने मुख्य आरोपी लखविंदर सिंह (31 वर्ष), निवासी हयातपुर, रुड़की, नवा शहर (पंजाब) को 17 नवंबर 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर गिरफ्तार कर लिया। लंदन से डिपोर्ट होकर लौटते ही पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

NRI दंपत्ति की सेक्टर-31 की दो कीमती कोठियों पर निशाना

अमेरिका में रहने वाले एक NRI दंपत्ति की गुरुग्राम के सेक्टर-31 में स्थित दो लग्जरी कोठियों (कुल मूल्य करोड़ों रुपये) को निशाना बनाया गया था। ठगों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी को लखविंदर के नाम ट्रांसफर करा लिया था। फिर इन्हें बेचने की साजिश रची।

मामला कैसे खुला: 2021 से चल रही साजिश

  • शुरुआत: 4 सितंबर 2021 को एक प्रॉपर्टी डीलर ने NRI को फोन किया कि उनके “बेटे” करण भटनागर को 15 लाख रुपये एडवांस दिए हैं और 1 करोड़ ट्रांसफर हो रहा है। NRI ने साफ किया – उनका कोई बेटा ही नहीं है!
  • फर्जी दस्तावेज: डीलर ने GPA, पोजेशन लेटर और पासपोर्ट की कॉपी भेजी, जो फर्जी निकली। HSVP जांच में मार्च 2021 का ट्रांसफर लखविंदर के नाम पर फर्जी GPA से साबित हुआ।
  • लगातार कोशिशें: कई डीलरों के फोन आने लगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पता चला। ठग लगातार नाम-पहचान बदलकर कोठियां बेचने की कोशिश कर रहे थे।

फर्जीवाड़े का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

  • फ्रांस में फर्जी पासपोर्ट: NRI दंपत्ति के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए।
  • स्विट्जरलैंड में GPA: इन पासपोर्ट से स्विट्जरलैंड के Canton Obwalden में फर्जी General Power of Attorney (GPA) रजिस्टर्ड कराया।
  • भारत में रजिस्ट्री: फर्जी GPA को दूतावास के जरिए भारत लाकर गुरुग्राम कलेक्टर कार्यालय में रजिस्टर कराया गया। फिर HSVP फाइल में चस्पां कर प्रॉपर्टी ट्रांसफर कर ली।
  • 3 जनवरी 2023: NRI ने EOW को शिकायत दर्ज कराई।

लंदन भागा, डिपोर्ट होकर पकड़ा गया

  • अक्टूबर 2022 में लखविंदर अपनी पत्नी के साथ डिपेंडेंट वीजा पर लंदन भाग गया।
  • सितंबर 2025 में वीजा समाप्ति पर ब्रिटेन ने डिपोर्ट किया।
  • गुरुग्राम पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से लोकेशन ट्रैक की। 17 नवंबर को IGI पहुंचते ही गिरफ्तार। 18 नवंबर को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी ली गई।

पूछताछ में खुलासे

लखविंदर ने कबूला कि फर्जी “करण भटनागर” ने प्रॉपर्टी उसके नाम ट्रांसफर करवाई। 2021-2022 में कई बार बिक्री की कोशिश की। पुलिस अब फ्रांस-स्विट्जरलैंड के फर्जी दस्तावेज नेटवर्क और भारत के एजेंट्स की तलाश में है।

यह गिरफ्तारी गुरुग्राम में NRI प्रॉपर्टी फ्रॉड के खिलाफ बड़ी जीत है। EOW को उम्मीद है कि पूछताछ से पूरा नेटवर्क बेनकाब होगा।

More From Author

गुरुग्राम की बिजली व्यवस्था में होने वाला है बड़ा बदलाव… जानिए क्या तैयारी कर रहा है DHBVN

गुरुग्राम में प्लास्टिक फ्री ड्राइव तेज, बेचने-रखने वालों पर होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *