गुरुग्राम में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर अब कड़ा प्रहार शुरू हो गया है। शहर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्त कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। प्रतिबंधित प्लास्टिक रखने, बेचने या भंडारण करने वालों पर अब बगैर चेतावनी सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसी को लेकर मंगलवार को निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों की अहम बैठक लेकर अभियान को तत्काल तेज करने के निर्देश दिए।

गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री के स्रोतों की तेजी से पहचान की जाए। इसके साथ ही, शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक की सप्लाई रोकने के लिए इसे ट्रांसपोर्ट करने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध प्लास्टिक सामग्री की बिक्री और भंडारण रोकने के लिए निर्माताओं, वितरकों और होलसेल प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
बाजारों में बढ़ेगी सख्ती
निगम ने मार्केट, मॉल्स, शॉपिंग सेंटर, मंडी, स्ट्रीट वेंडर्स और रेस्टोरेंट्स पर निगरानी बढ़ाकर चालान और दंडात्मक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
वैज्ञानिक निपटान पर जोर
निगम आयुक्त ने जब्त की गई प्रतिबंधित सामग्री के वैज्ञानिक निपटान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट श्रेडर मशीनें स्थापित करने और एमआरएफ सेंटर की स्थापना को तेज करने के निर्देश दिए।
किन-किन प्लास्टिक वस्तुओं पर है प्रतिबंध?
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के अनुसार निम्नलिखित वस्तुओं के निर्माण, उपयोग, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है—
- 50 माइक्रोन से कम मोटाई की प्लास्टिक शीट
- 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग
- प्लास्टिक चम्मच, कांटे, स्ट्रॉ
- प्लास्टिक कप, प्लेट, ट्रे
- निमंत्रण कार्ड की प्लास्टिक रैपिंग
- थर्मोकोल सामग्री
- सिगरेट बॉक्स की प्लास्टिक रैपिंग
विभागों में समन्वय
बैठक में नगर निगम, पुलिस, एचएसपीसीबी और उद्योग विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया और अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग और समन्वय को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
