दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में लगातार बढ़ रहे संगठित अपराध, गैंगवार, अवैध हथियारों की सप्लाई और नशा तस्करी को रोकने के लिए गुरुग्राम में आज एक महत्वपूर्ण इंटरस्टेट मीटिंग हुई। इस बैठक की अध्यक्षता गुरुग्राम पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा (IPS) ने की, जिसमें दिल्ली, यूपी, राजस्थान और हरियाणा की STF, स्पेशल सेल और क्राइम यूनिट्स ने अपराधियों पर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

बैठक में जिन मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई:
- अंतरराज्यीय गैंगस्टरों और कुख्यात अपराधियों की पहचान, मूवमेंट और नेटवर्क को ट्रैक करने की नई रणनीति।
- विभिन्न राज्यों में सक्रिय अपराधियों की लिस्ट, लोकेशन अपडेट और उनके फाइनेंशियल व डिजिटल ट्रेल्स को साझा करना।
- हाई-प्रोफाइल अपराधियों पर डिजिटल, टेक्निकल और साइबर सर्विलांस को और मजबूत करना।
- देश के अंदर और बाहर से आने वाली अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए तस्करी के रूट, सप्लायर और फैक्ट्रियों की जानकारी एक-दूसरे से साझा करना।
- नशा तस्करी में लगे गिरोहों, कैरियर्स, ट्रांजिट पॉइंट्स और फाइनेंसरों पर एक साथ कार्रवाई की योजना।
- गैंगस्टरों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नए तरीके—सोशल मीडिया धमकी, वर्चुअल नंबर, विदेशी नेटवर्क और क्रिप्टो ट्रांजेक्शन—पर निगरानी और रोक लगाने के सुझाव।
- सभी राज्यों के बीच तेज और समयबद्ध सूचना साझेदारी के लिए एक मजबूत सिस्टम पर सहमति।

बैठक का परिणाम
बैठक में अधिकारियों ने तय किया कि अब अंतरराज्यीय अपराधों पर कार्रवाई अलग-अलग नहीं, बल्कि संयुक्त रूप से और तेज गति से की जाएगी। सभी राज्यों ने भविष्य में ऐसी बैठकों को नियमित रूप से आयोजित कर समन्वय और सूचना साझा करने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
गुरुग्राम पुलिस के सभी DCP, ACP क्राइम और क्राइम ब्रांच के अधिकारी उपस्थित रहे. सभी राज्यों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी इस बैठक में मौजूद रहे।
