गुरुग्राम के सेक्टर-102 निवासी सर्वो मित्र ने हरियाणा डीजीपी ओम प्रकाश सिंह के थार और बुलेट वाहनों पर दिए गए बयान को अपमानजनक मानते हुए उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी की मांग की है।

सर्वो मित्र के वकील वेदांत वर्मा ने बताया कि डीजीपी के बयान के बाद समाज में उनके क्लाइंट का मजाक उड़ाया जाने लगा। उनके बच्चों को भी स्कूल में ताने सुनने पड़ रहे हैं। सर्वो मित्र ने कहा कि इसके चलते उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है और उन्होंने थार चलाना भी रोक दिया है।
बयान की संदर्भ में डीजीपी ने आठ नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पुलिस सभी गाड़ियों को नहीं पकड़ेगी, केवल थार और बुलेट वालों को। उन्होंने कहा कि “थार लेंगे, स्टंट करेंगे… जिसके पास भी थार होगी उसका दिमाग घूमा हुआ होगा। थार गाड़ी नहीं, यह एक स्टेटमेंट है कि हम ऐसे हैं।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

नोटिस में सर्वो मित्र ने कहा कि उन्होंने जनवरी 2023 में 30 लाख रुपये से अधिक कीमत देकर थार खरीदी थी। यह गाड़ी परिवार के लिए सुरक्षित और मज़बूत है, लेकिन डीजीपी के बयान के बाद उन्हें रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों के बीच शर्मिंदगी और मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है।

सर्वो मित्र ने यह भी कहा कि उनका एक बेटा पढ़ रहा है और दूसरा नौकरी करता है, और उन्हें भी लोग चिढ़ाने लगे हैं। उन्होंने डीजीपी के बयान को ग्रुप डिफेमेशन करार दिया है और चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन में माफी नहीं दी गई, तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
मामला अब न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। गुरुग्राम में थार और बुलेट मालिक इस घटना के बाद चिंतित हैं।
