बिना लाइसेंस चलता रहा प्रोजेक्ट! अब रहेजा ट्रिनिटी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

गुरुग्राम के सेक्टर-84 में स्थित रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के कमर्शियल प्रोजेक्ट रहेजा ट्रिनिटी के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सख्त कदम उठाया है। वर्षों से नियमों की अनदेखी करने पर विभाग ने प्रोजेक्ट का विकास लाइसेंस रद्द कर दिया है और इससे जुड़ी सभी प्रकार की प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (डीटीपीई), गुरुग्राम द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा ने लाइसेंस नंबर-26 दिनांक 17 मई 2013 को 2.281 एकड़ भूमि पर कमर्शियल कॉलोनी विकसित करने के लिए जारी किया था। यह लाइसेंस 16 मई 2019 तक वैध था, लेकिन इसके बाद न तो इसका नवीनीकरण कराया गया और न ही कोई आवेदन किया गया।

नियमों की खुली अवहेलना

हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र विनियमन नियमों के अनुसार, लाइसेंस की वैधता समाप्त होने से कम से कम एक माह पूर्व नवीनीकरण आवेदन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड ने कई वर्षों तक कोई कदम नहीं उठाया, जिसे विभाग ने गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना है।

सब-रजिस्ट्रार को सख्त निर्देश

इस मामले में डीटीपीई कार्यालय ने सब-रजिस्ट्रार मानेसर को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि रहेजा ट्रिनिटी प्रोजेक्ट से संबंधित किसी भी तरह की बिक्री, कन्वेयंस या लीज डीड की रजिस्ट्री न की जाए।

इसके साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर गलती से रजिस्ट्री न हो सके।

निर्माण कार्य तुरंत बंद

आदेश में रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड को प्रोजेक्ट साइट पर सभी निर्माण और विकास गतिविधियां तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई की सूचना महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा, उपायुक्त गुरुग्राम और सीनियर टाउन प्लानर, गुरुग्राम सर्कल को भी भेज दी गई है।

खरीदारों को चेतावनी

डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि यह कार्रवाई गुरुग्राम में चल रहे टाउन प्लानिंग विभाग के सख्त इन्फोर्समेंट अभियान का हिस्सा है। विभाग उन सभी प्रोजेक्ट्स पर नजर रख रहा है, जिनके लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं या जिनमें नियमों का उल्लंघन पाया गया है।

उन्होंने खरीदारों और निवेशकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि लाइसेंस समाप्त होने वाले प्रोजेक्ट्स में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त कानूनन अमान्य होती है। निवेश से पहले प्रोजेक्ट का मौजूदा लाइसेंस स्टेटस जांचना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में कानूनी संकट से बचा जा सके।















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