गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-II (EOW-II) ने एक सनसनीखेज जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया है। आरोपी ने 1993 में मर चुके व्यक्ति की पहचान अपनाकर जमीन बेची, बैंक खाता खुलवाया और फ्रिज खाते को अनफ्रीज कर 59 लाख रुपये हड़प लिए।

फर्जी नाम, फर्जी कागज, असली पैसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को ओम प्रकाश बताकर बजघेड़ा स्थित जमीन एंजेल बिल्टेक प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी, जबकि असली ओम प्रकाश की मौत तीन दशक पहले हो चुकी थी। जमीन के बदले कंपनी ने 46.50 लाख रुपये का भुगतान किया।
बैंक को भी चकमा
आरोपी ने 2015 में ओम प्रकाश के नाम से एक्सिस बैंक, पालम विहार में खाता खुलवाया। बड़ी रकम जमा होते ही बैंक ने खाता फ्रिज कर दिया, लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुका।
2023 में फर्जी सेल डीड दिखाकर खाते को दोबारा अनफ्रीज कराया और ब्याज समेत 59,72,608 रुपये अपने असली खाते में ट्रांसफर कर लिए।
कोर्ट में वकील, पर्दे के पीछे ठग
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नवीन राणा (40 वर्ष) निवासी बजघेड़ा के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी LLB पास है और गुरुग्राम कोर्ट में वकालत कर रहा था।
17 दिसंबर को गिरफ्तारी
EOW-II की टीम ने तकनीकी जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर 17 दिसंबर 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े की पूरी साजिश कबूल कर ली।
अब खुलेंगे और राज
पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके अन्य साथियों, फर्जी दस्तावेजों और संभावित अन्य ठगी मामलों की जांच करेगी।
पुलिस का दावा है कि यह घोटाला सिर्फ शुरुआत हो सकता है।
