गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ही परिवार को लड़की की गर्भावस्था का पता चला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता दसवीं कक्षा की छात्रा है और वह नियमित रूप से स्कूल जाती रही। प्रसव पीड़ा शुरू होने तक न तो पीड़िता और न ही उसके माता-पिता को गर्भावस्था के बारे में पता था। जब लड़की को तेज दर्द हुआ, तो परिजन उसे सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल ले गए। वहां डिलीवरी के बाद नवजात बच्चे का जन्म हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पीड़िता और नवजात दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आरोपी उसी इलाके का रहने वाला, धमकी देकर कई बार किया दुष्कर्म
पुलिस जांच से पता चला है कि आरोपी राजेश (34 वर्ष) उसी इलाके में रहता था और एक निजी कंपनी में काम करता है। वह शादीशुदा है और कादीपुर क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच उसने कई बार लड़की को डरा-धमकाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए।
आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डर के कारण लड़की ने महीनों तक किसी को कुछ नहीं बताया। फरवरी 2025 में आरोपी ने किराए का मकान खाली कर इलाके से फरार हो गया था।डिलीवरी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
डिस्चार्ज के बाद काउंसलिंग और डीएनए टेस्ट
गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, पीड़िता को अभी अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। डिस्चार्ज होने के बाद बाल कल्याण समिति द्वारा पीड़िता और उसके माता-पिता की काउंसलिंग करवाई जाएगी। मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज किया जाएगा।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान नवजात का डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा ताकि पितृत्व की पुष्टि हो सके। कानून के तहत पीड़िता को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
