गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित प्री-बजट सेशन के दौरान AI आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के ज़रिए अब आम लोग भी राज्य के बजट निर्माण में सीधे अपने सुझाव दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल हरियाणा विजन 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें नागरिक हरियाणवी, हिंदी और अंग्रेजी—तीनों भाषाओं में अपनी बात रख सकते हैं, जिससे हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बजट अब सिर्फ फाइलों में नहीं, जनता की आवाज़ से बनेगा
सीएम सैनी ने कहा कि यह पोर्टल पारदर्शिता और सहभागी शासन की दिशा में बड़ा कदम है। अब नागरिक, विशेषज्ञ और अलग-अलग सेक्टर से जुड़े लोग सीधे सरकार तक अपने सुझाव पहुंचा सकेंगे। इससे बजट प्रक्रिया ज्यादा खुली और संवादपूर्ण बनेगी।

उद्योग, हेल्थ, आईटी और शिक्षा पर हुई खुलकर चर्चा
प्री-बजट कंसलटेशन बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर उद्योग, हेल्थ, आईटी और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए। उद्योग जगत और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से जुड़े संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और सुझाव रखे।
मुख्यमंत्री ने किया सोवाका लैब का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सोवाका लैब का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत समाज और आत्मनिर्भर भारत की नींव होते हैं। हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

सीएम ने बताया कि प्रदेश में PPP मॉडल के तहत सीटी स्कैन, एमआरआई, हीमो डायलिसिस और कैथ लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेडिकल हब बनता गुरुग्राम
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम तेजी से मेडिकल और हेल्थ हब के रूप में उभर रहा है। सोवाका लैब की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी। उन्होंने जरूरतमंद और गरीब मरीजों को विशेष सुविधाएं देने की भी अपील की।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, ओएसडी डॉ. राज नेहरू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
7 जनवरी को होगा अगला सत्र
प्री-बजट बैठक का दूसरा दिन 7 जनवरी को सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित होगा। इसमें उद्योग, विनिर्माण क्षेत्र और बाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, आर्किटेक्ट, पर्यावरण व श्रम क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे।
