गुरुग्राम जिले में हाई प्रोफाइल पार्टियों में महंगा नशा MDMA सप्लाई करने के आरोप में पुलिस ने थाईलैंड मूल की महिला और उसके सभी साथी को अरेस्ट किया है। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच की टीम ने सेक्टर-53 के जैमपेक्ट चौक के पास क्षितिज नामक युवक को पकड़ा, वह सुशांत लोक गांव का रहने वाला है।

पुलिस को उसके कब्जे से 5.150 ग्राम MDMA बरामद हुआ। इस पर सेक्टर-53 थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेस NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि यह नशा उसे थाईलैंड की एक महिला उपलब्ध कराती है।
चकरपुर गांव से पकड़ा
यह महिला और लोगों को भी MDMA जिसे आमतौर पर एक्स्टसी या मॉली कहा जाता है बेचती है। जिस पर पुलिस ने चकरपुर गांव से थाईलैंड मूल की महिला को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला की पहचान चैरत्सामी कनलाया उर्फ जिमी जूम के रूप में हुई, जो थाईलैंड के कालसिन की रहने वाली है।

जून 2019 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आई
जांच में पता चला कि चैरत्सामी 8 जून 2019 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। लेकिन 29 मई 2020 को वीजा की वैधता समाप्त हो गई। इसके बावजूद वह अवैध रूप से भारत में रह रही थी। और MDMA जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थो का कारोबार चला रही थी।
वीजा खत्म होने पर भी रह रही थी
क्षितिज को इसी महिला ने ड्रग्स बेचने के लिए सप्लाई किया था। पुलिस ने महिला के खिलाफ NDPS एक्ट के साथ साथ विदेशी अधिनियम की धाराएं भी लगाई है। क्योंकि वह बिना वैध वीजा या दस्तावेजों के देश में रह रही थी।
क्या है एमडीएमएस
MDMS एक सिंथेटिक ड्रग है, जो उत्तेजक और उत्साह बढ़ाने वाला प्रभाव पैदा करता है। यह पार्टी सर्किट में लोकप्रिय है, जहां इसे एक्स्टसी के नाम से जाना जाता है। भारत में इसका एक ग्राम बाजार में 5 हजार से 6,500 रुपए तक बिकता है, जो इसे महंगा और उच्च वर्ग की पार्टी ड्रग बनाता है। गुरुग्राम जैसे शहरी इलाकों में युवाओं और पार्टी कल्चर में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है। जिससे पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि ये लोग बड़े ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। जिसमें विदेशी तत्व शामिल हैं। आगे की जांच में अन्य सहयोगियों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ताकि शहर को नशे से मुक्त रखा जा सके ।
