केंद्र सरकार ने दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–बावल सेमी हाई स्पीड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय राज्यमंत्री और गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। इस फैसले से दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सराय कालेखां से बावल तक बनेगा पहला चरण
योजना के अनुसार, नमो भारत ट्रेन का पहला चरण दिल्ली के सराय कालेखां से हरियाणा के बावल तक बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर दिल्ली से अलवर तक प्रस्तावित 164 किलोमीटर लंबी RRTS परियोजना का हिस्सा है। बावल से आगे अलवर तक विस्तार अगले चरणों में किया जाएगा।
36 हजार करोड़ रुपये की परियोजना
- कुल लंबाई: 164 किलोमीटर
- हरियाणा में लंबाई: करीब 75 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: लगभग 36,000 करोड़ रुपये
- पहले चरण में स्टेशन: 16
यह कॉरिडोर दिल्ली, गुरुग्राम, धारुहेड़ा और बावल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेगा।

राव इंद्रजीत सिंह ने उठाए थे ये मुद्दे
गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से इस परियोजना को बावल तक ले जाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने 11 अगस्त और 20 सितंबर को केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
- दिल्ली–गुरुग्राम और रेवाड़ी रोड पर बढ़ते ट्रैफिक जाम
- कम यात्रियों का हवाला देकर परियोजना को धारुहेड़ा तक सीमित करने का विरोध
- बावल और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को RRTS से जोड़ने की मांग
तीन चरणों में पूरी होगी दिल्ली–अलवर RRTS लाइन
पहले चरण में सराय कालेखां से बावल तक निर्माण होगा।
दूसरे चरण में SNB अर्बन कॉम्प्लेक्स से सोतानाला तक और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक कॉरिडोर प्रस्तावित है।
लोगों को क्या होगा फायदा
वर्तमान में दिल्ली से रेवाड़ी या बावल पहुंचने में सड़क मार्ग से कई घंटे लगते हैं। RRTS शुरू होने के बाद यह सफर कम समय में पूरा होगा। इससे रोजाना यात्रा करने वालों को सुविधा मिलेगी और औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश और रोजगार बढ़ने की संभावना है।
