किडनी डोनेशन के बदले 3 करोड़! मेदांता के नाम पर चल रहा था खतरनाक खेल

गुरुग्राम के मेदांता दी मेडिसिटी अस्पताल के नाम का दुरुपयोग कर किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये देने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक महिला समेत साइबर ठगों का गिरोह सक्रिय था, जो सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को निशाना बना रहा था।

मेदांता अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर गुरुग्राम के सदर थाना पुलिस ने आरोपी महिला प्रिया संतोष और उसके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

खुद को डॉक्टर बताकर बनाती थी भरोसा

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला प्रिया संतोष खुद को मेदांता अस्पताल की डॉक्टर बताती थी। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से ऐसे लोगों से संपर्क करती थी, जो आर्थिक तंगी में थे या जल्दी पैसे कमाने की तलाश में थे। आरोपी दावा करती थी कि अस्पताल को किडनी डोनर की तत्काल आवश्यकता है।

मेदांता के नाम से बनाई नकली वेबसाइट

जांच में सामने आया है कि ठगों ने मेदांता दी मेडिसिटी के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। वेबसाइट पर यह दिखाया गया था कि अस्पताल किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये की राशि देगा। वेबसाइट का डिज़ाइन इस तरह बनाया गया था कि वह असली अस्पताल की साइट जैसी दिखाई दे।

स्टाफ ID दिखाकर लिया विश्वास में

लोगों को पूरी तरह भरोसे में लेने के लिए आरोपी महिला फर्जी स्टाफ आईडी और दस्तावेज भी भेजती थी। इन कागजातों के जरिए वह यह साबित करने की कोशिश करती थी कि वह मेदांता अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर है।

पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर और पैसों की मांग

इस गिरोह के झांसे में आई महिला प्रतीक्षा पुजारी से पहले पंजीकरण शुल्क के नाम पर आठ हजार रुपये लिए गए। इसके बाद ठगों ने कहा कि तीन करोड़ रुपये की प्रक्रिया पूरी होने वाली है, लेकिन इसके लिए 20 हजार रुपये और जमा कराने होंगे। इसी दौरान पीड़िता को संदेह हुआ।

अस्पताल से संपर्क करने पर सामने आई सच्चाई

संदेह होने पर पीड़िता ने मेदांता अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। अस्पताल की ओर से बताया गया कि उनके यहां प्रिया संतोष नाम की कोई महिला डॉक्टर नहीं है और न ही अस्पताल किडनी डोनेशन के बदले किसी तरह का भुगतान करता है। इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी।

मेदांता प्रशासन ने किया ठगी से इनकार

मेदांता दी मेडिसिटी अस्पताल प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि अस्पताल किसी भी प्रकार के अवैध अंग व्यापार से जुड़ा नहीं है। इस तरह की फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह साइबर अपराध का हिस्सा हैं, जिनका अस्पताल से कोई संबंध नहीं है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, ठगों की तलाश तेज

शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

More From Author

इको वैन मालिकों के लिए खौफनाक खबर: ब्रेजा कार से साइलेंसर चोरी का गिरोह सक्रिय!

दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–बावल RRTS को मिली मंजूरी, दक्षिण हरियाणा को बड़ा फायदा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.