गुरुग्राम निगम में नई जिम्मेदारियां तय, जानिए किस अधिकारी के पास आया कौन-सा काम

नगर निगम गुरुग्राम में अधिकारियों के कामकाज की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने इंजीनियरिंग और हॉर्टिकल्चर शाखा में नया कार्य बंटवारा किया है। नए आदेशों में सड़क, सफाई, कचरा प्रबंधन, जल-सीवरेज, निर्माण कार्य और बागवानी से जुड़ी जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई हैं। इसके साथ ही पहले जारी किए गए संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया गया है।

तुषार यादव से लेकर सुंदर श्योराण तक, बदली जिम्मेदारियां
इंजीनियरिंग शाखा में कार्यकारी अभियंता तुषार यादव को जोन-1 के साथ डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, रोड स्वीपिंग, शिकायत पोर्टल, सड़क किनारे निर्धारित जगह से जुड़े ROW कार्य, निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन और NGT से संबंधित काम सौंपे गए हैं।

वहीं, सुंदर श्योराण को रोड सेफ्टी, समाधान शिविर, जन संवाद, मुख्यमंत्री आवास, म्हारी सड़क, डी-प्लान, जल शक्ति, नमस्ते योजना और HEWP से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें डीसी कार्यालय की बैठकों में नगर निगम के नोडल अधिकारी के रूप में शामिल होने और निर्धारित कोर्ट मामलों में निगम की ओर से उपस्थिति सुनिश्चित करने का काम भी सौंपा गया है।

छुट्टी से लौटे प्रदीप कुमार को जोन-2

छुट्टी से लौटे प्रदीप कुमार को जोन-2 के साथ मुख्यालय के काम, जल एवं सीवरेज बिलिंग, CAQM और कोर्ट मामलों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर-14 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण और SMC-MC से जुड़े काम भी उनके कार्यक्षेत्र में रहेंगे।

कार्यकारी अभियंता कुलदीप यादव को जोन-6 के साथ बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पुराने कचरे से जुड़े कार्य, वजीराबाद में स्टेडियम निर्माण और हॉर्टिकल्चर क्लस्टर-2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सहायक अभियंताओं को भी मिले नए काम
नए कार्य बंटवारे में सहायक अभियंताओं की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।

  • सुमित कुमार: जोन-4 के वार्ड-4, 35 और 36, डोर-टू-डोर कार्य, बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पुराने कचरे से जुड़े काम और सेक्टर-14 में नए निगम कार्यालय का निर्माण। विज्ञापन प्रवर्तन, कोर्ट मामलों और शिकायतों की जिम्मेदारी भी दी गई है।
  • वसीम अकरम: जोन-4 के वार्ड-1, 2 और 3, C&D वेस्ट प्लांट और सैनिटेशन सिक्योरिटी फोर्स (SSF) टीम के नोडल अधिकारी।
  • मनोज अहलावत: जोन-1, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट विकसित करना और रोड स्वीपिंग।
  • विवेक बेनिवाल: जोन-5 और शीतला माता मंदिर निर्माण से जुड़े कार्य।
  • अंजू बाला: मुख्यालय के काम, विज्ञापन अनुमति एवं प्रवर्तन, कोर्ट मामले और ROW अनुमति से संबंधित कार्य।

बागवानी शाखा में भी जोन के हिसाब से बंटा काम
हॉर्टिकल्चर शाखा में सहायक अभियंता पूनम मलिक को जोन-1 और जोन-2, आशीष को जोन-4 तथा सुनील कुमार को जोन-3, जोन-5 और जोन-6 की जिम्मेदारी दी गई है।

कनिष्ठ अभियंताओं में प्रियदीप को जोन-1, मुकेश को जोन-2, अखलाक अहमद को जोन-3, गुलशन को जोन-4, दीपक शर्मा को जोन-5 और लोकेश को जोन-6 में बागवानी से जुड़े कार्य सौंपे गए हैं।

अब जिम्मेदारी के हिसाब से होगी कामकाज पर नजर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, नए आदेशों का उद्देश्य इंजीनियरिंग, सफाई, कचरा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, जल एवं सीवरेज, निर्माण, प्रवर्तन और बागवानी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना है। अधिकारियों को अपने निर्धारित कार्यों पर ध्यान देकर संबंधित गतिविधियां संचालित करनी होंगी।

इस बदलाव के बाद अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिम्मेदारियां तय होने से शहर में सफाई, सड़क मरम्मत, कचरा प्रबंधन और दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं। इसका असर आने वाले समय में निगम के कामकाज में दिखाई देगा।

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