गुरुग्राम में जनता की शिकायतें लेकर पहुंचे अधिकारियों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह बैठक उनके लिए इतनी भारी पड़ने वाली है! किसी की कुर्सी चली गई, तो किसी की जेब पर सीधा असर पड़ा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक के बाद एक ऐसे आदेश जारी किए कि सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया। पटवारी से लेकर नगर निगम और PWD के अधिकारियों तक पर कार्रवाई हुई। आखिर ऐसी कौन-सी शिकायतें थीं, जिन पर CM ने मौके पर ही सख्त फैसला सुना दिया? चलिए बताते हैं पूरा मामला।

पटवारी सस्पेंड, नगर निगम के XEN पर भी गिरी गाज
दरअसल, बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 11 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
सबसे पहले पटवारी मंदीप हुड्डा पर कार्रवाई की गई। उन पर काम में लापरवाही और एक रिटायर्ड CMO की बेटी के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे थे। शिकायत सुनने के बाद CM ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इसके बाद देर शाम नगर निगम के XEN सुंदर श्योराण को भी सस्पेंड कर दिया गया। मामला स्वीपिंग मशीनों को सही तरीके से हैंडओवर नहीं करने से जुड़ा है। जांच में मशीनों के कई पुर्जे तक गायब मिले थे। खास बात यह है कि तीन दिन पहले ही निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने श्योराण के खिलाफ चार्जशीट की सिफारिश की थी।
रिटायर्ड CMO की बेटी से दुर्व्यवहार का आरोप, ऐसे फंसे पटवारी
पटवारी मंदीप हुड्डा के खिलाफ शिकायत सेक्टर-7 निवासी रितूल यादव के मामले में आई थी। रितूल के पिता डॉ. केसी यादव CMO पद से रिटायर्ड थे। उनके निधन के बाद रितूल अपनी मां और भाई के साथ वारिसान सर्टिफिकेट बनवाने पहुंची थीं।
दरअसल, HSVP में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करवाने के लिए परिवार को वारिसान सर्टिफिकेट की जरूरत थी। आरोप है कि जब परिवार पटवारी मंदीप हुड्डा के पास पहुंचा तो उन्होंने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पहचानने से इनकार कर दिया और उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। इसके बाद एडवोकेट राजेश कुमार और पीड़ित परिवार ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत रखी। इतना ही नहीं, बैठक में कुछ अन्य लोगों ने भी पटवारी के व्यवहार को लेकर शिकायतें कीं।
शिकायतें सुनने के बाद CM ने साफ कहा कि जनता की सेवा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और लोगों को बेवजह परेशान करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दो अधिकारियों की 3 महीने तक आधी सैलरी कटेगी
मुख्यमंत्री का एक्शन यहीं नहीं रुका। प्रॉपर्टी ID से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने पर नगर परिषद पटौदी-जटौली मंडी के म्युनिसिपल इंजीनियर (ME) और बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की गई। CM ने दोनों अधिकारियों की अगले तीन महीने तक 50 प्रतिशत सैलरी काटने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी पोस्टिंग NCR से बाहर करने को भी कहा। वहीं, सड़क मरम्मत के काम में लापरवाही की शिकायत पर PWD के संबंधित अधिकारी का एक महीने का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए।
100 फैक्ट्रियों को मिलेगी राहत, एक महीने में शुरू होगा काम
इस बैठक में सिर्फ अधिकारियों पर कार्रवाई ही नहीं हुई, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र की बिजली समस्या को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। पायनियर इंडस्ट्रियल पार्क वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव कंवर सिंह जून ने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि यहां 33 KV का सब-स्टेशन बनने से करीब 100 फैक्ट्रियों को फायदा मिलेगा।
इस पर CM ने अंसल बिल्डर की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन पर पावर हाउस बनाने के निर्देश दिए। साथ ही एक महीने के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा। इस प्रोजेक्ट के लिए 4.06 करोड़ रुपये की शेष राशि अंसल API या अंसल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से वसूली जानी है।
15 शिकायतें, 11 का मौके पर समाधान
बैठक में कुल 15 शिकायतें सामने आईं। इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि बाकी 4 मामलों में जांच पूरी करके अगली बैठक तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए।
