गुरुग्राम में किफायती आवास योजना के तहत रहने वालों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन करते हुए अब नई बनने वाली सोसाइटियों में कार पार्किंग को अनिवार्य कर दिया है।
अब तक इस नीति में केवल मोटरसाइकिल पार्किंग का ही प्रावधान था, जिसके चलते शहर की कई सोसाइटियों में लंबे समय से विवाद चल रहे थे।

क्यों जरूरी हुआ बदलाव?
दरअसल, गुरुग्राम में इस पॉलिसी के तहत करीब 100 से ज्यादा सोसाइटियां बन चुकी हैं, जहां कार पार्किंग को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
मेंटेनेंस एजेंसियां पुरानी नीति का हवाला देकर कारों को अंदर आने से रोक देती थीं, जिससे बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच टकराव बढ़ता गया।
यह मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने नीति में बदलाव के निर्देश दिए।
नई पॉलिसी में क्या बदला?
- हर फ्लैट के साथ अब एक कार पार्किंग अनिवार्य
- फ्लैट की कीमत पर 10% अतिरिक्त राशि देनी होगी
- निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में दो-तिहाई खरीदारों की सहमति जरूरी
- पहले से तैयार (OC मिल चुके) प्रोजेक्ट्स पर लागू नहीं होगा
कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
नई दरों के मुताबिक:
- गुरुग्राम में फ्लैट की कीमत: ₹5575 प्रति वर्ग फीट
- बालकनी: ₹1300 प्रति वर्ग फीट (अधिकतम ₹1.30 लाख)
- सोहना और फरीदाबाद: ₹5450 प्रति वर्ग फीट
- अन्य शहर: ₹5050 प्रति वर्ग फीट
यानी अब घर खरीदना थोड़ा महंगा जरूर हो जाएगा।
इन सोसाइटियों में पहले हो चुका है विवाद
शहर की कई सोसाइटियों में पार्किंग को लेकर झगड़े सामने आ चुके हैं, जैसे:
सेक्टर 36A, सेक्टर 70A और सेक्टर 84 की सोसाइटियां।
पैसे वापस मिलने का नियम
नई दर लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति ड्रॉ में हिस्सा नहीं लेता है, तो उसकी जमा राशि वापस कर दी जाएगी।
