गुरुग्राम में घर खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका… क्या बदल गए नियम?

गुरुग्राम में हरियाणा सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसमें फ्लैट की कीमतों से लेकर पार्किंग तक के नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं। नए नियम लागू होने के बाद गुरुग्राम में सस्ते घर खरीदना अब पहले जैसा आसान नहीं रह सकता।

सरकार की ओर से यह फैसला कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया, जिसके तहत अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी-2013 में संशोधन किया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बदलाव सीधे तौर पर होमबायर्स की जेब और बिल्डर्स की प्लानिंग दोनों को प्रभावित करेंगे।

अब बिना पार्किंग नहीं मिलेगा फ्लैट
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब हर फ्लैट के साथ एक पार्किंग अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए खरीदारों को फ्लैट की कीमत का करीब 10% अतिरिक्त देना होगा। यानी अब घर के साथ पार्किंग की लागत भी जोड़कर देखनी होगी।

प्लान पास कराने में भी सख्ती
अब किसी भी प्रोजेक्ट का बिल्डिंग प्लान पास करते समय सभी पार्किंग स्लॉट्स को साफ-साफ दिखाना जरूरी होगा। अतिरिक्त पार्किंग को विजिटर या दोपहिया पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

पुराने प्रोजेक्ट्स पर क्या होगा असर?
जिन प्रोजेक्ट्स में पहले से लाइसेंस मिल चुका है लेकिन पार्किंग का प्रावधान नहीं है, वहां बिल्डर को बदलाव करने के लिए दो-तिहाई खरीदारों की मंजूरी लेनी होगी। हालांकि जिन प्रोजेक्ट्स को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) मिल चुका है, वे इस नियम से बाहर रहेंगे।

नई दरें लागू—गुरुग्राम टॉप पर
नई कीमतों के अनुसार:

  • गुरुग्राम: ₹5575 प्रति वर्ग फुट
  • फरीदाबाद/सोहना: ₹5450 प्रति वर्ग फुट
  • अन्य शहर: ₹5050 प्रति वर्ग फुट
  • कम संभावित शहर: ₹4250 प्रति वर्ग फुट

इसका मतलब है कि गुरुग्राम में अफोर्डेबल हाउसिंग अब राज्य में सबसे महंगी श्रेणी में बनी हुई है।

बालकनी भी अब फ्री नहीं
5 फीट तक की बालकनी पर ₹1300 प्रति वर्ग फुट अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा ₹1.30 लाख प्रति फ्लैट तय की गई है।

आवेदकों के लिए राहत भी
जिन योजनाओं में पहले से आवेदन हो चुके हैं, वहां नई दरें लागू होंगी। लेकिन अगर कोई खरीदार नई कीमतों पर आगे नहीं बढ़ना चाहता, तो उसकी पूरी जमा राशि बिना कटौती वापस कर दी जाएगी।

क्या बदल जाएगा?
नए नियमों से जहां प्रोजेक्ट्स ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकते हैं, वहीं घर खरीदने की कुल लागत बढ़ने की भी संभावना है। ऐसे में गुरुग्राम में अफोर्डेबल हाउसिंग अब सच में कितनी ‘अफोर्डेबल’ रहेगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।

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