गुरुग्राम में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 15वें दिन भी जारी रही। हरियाणा सरकार की ओर से 13 मई को कर्मचारियों की मांगों पर सहमति जताए जाने के बावजूद संबंधित आदेश जारी नहीं किए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है। पुराने नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और तानाशाही का आरोप लगाया।

कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि 21 अगस्त को मुख्य सदर बाजार में अभियान चलाकर दुकानदारों, व्यापारियों और आम जनता से हड़ताल के समर्थन की अपील की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर 21 अगस्त तक सरकार ने मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं किए, तो मौजूदा हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है।
15वें दिन भी जारी रहा कर्मचारियों का धरना
गुरुग्राम के पुराने नगर निगम कार्यालय में बृहस्पतिवार को भी निगम कर्मी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। हड़ताल की अध्यक्षता इकाई के वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने की।
धरने का संचालन कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा और सचिव धर्मेंद्र जिंगाला ने किया।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने 13 मई को उनकी कई मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन अब तक उन मांगों को लागू करने के लिए आधिकारिक पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
21 अगस्त को सदर बाजार में मांगेंगे जनता का समर्थन
हड़ताली कर्मचारियों ने अब आंदोलन को और व्यापक करने की तैयारी शुरू कर दी है। कर्मचारी 21 अगस्त को मुख्य सदर बाजार पहुंचेंगे और दुकानदारों, व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों से भी अपनी मांगों के समर्थन की अपील करेंगे।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने 21 अगस्त तक मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं किए, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा।
1175 फायरमैन और 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग
राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने कहा कि सरकार को 13 मई को लिए गए फैसले के अनुसार 1,175 फायरमैनों और पालिका, परिषद व निगमों में कार्यरत करीब 13,000 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
कर्मचारी नेताओं ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और सरकार की ओर से मानी गई अन्य मांगों के संबंध में भी जल्द आदेश जारी करने की मांग की।
11 साल में एक भी सीवर या सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं: सम्मी बोहत
वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत ने सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने एक भी सीवर या सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं की है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि लंबे समय से निगमों, नगर पालिकाओं और परिषदों में काम कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को अब स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।
सरकार के फैसले का इंतजार
निगम कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार के अगले कदम का इंतजार है। अब 21 अगस्त को सदर बाजार में जनसमर्थन जुटाने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
कर्मचारी नेताओं ने दोहराया कि मांगों के आदेश जारी नहीं हुए तो हड़ताल अनिश्चितकालीन की जाएगी।
