गुरुग्राम में बैंक से पैसे निकालकर बाहर निकले एक व्यक्ति को बदमाशों ने अपना निशाना बना लिया। बोहड़ा कलां स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के बाहर दो युवकों ने व्यक्ति को धक्का देकर उसके हाथ से 50 हजार रुपये छीन लिए और बाइक से फरार हो गए।

वारदात के महज एक दिन बाद गुरुग्राम पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 26 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
बैंक के अंदर से ही कर रहे थे नजर
मामला 17 अगस्त का है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक पीड़ित अपने बेटे अनिल कुमार के साथ बोहड़ा कलां स्थित बैंक में 53,200 रुपये निकालने पहुंचा था।
पैसे निकालने के बाद उसने 3,200 रुपये अपनी जेब में रख लिए, जबकि 50 हजार रुपये अलग रखकर बैंक के गेट के पास खड़ा हो गया।
बताया गया है कि इसी दौरान बैंक के अंदर पहले से मौजूद दो युवकों की नजर उस पर थी। जैसे ही उन्हें मौका मिला, दोनों ने पीड़ित को धक्का दिया और उसके हाथ से 50 हजार रुपये छीन लिए।
इसके बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही एक्टिव हुई पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। इसके आधार पर बिलासपुर थाने में मामला दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने 18 अगस्त को बिलासपुर चौक से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान अली और जुगनू के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से राजस्थान के अलवर के रहने वाले हैं और फिलहाल तावडू इलाके में रह रहे थे।
26 हजार रुपये और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्नैचिंग की रकम में से 26 हजार रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
नशे की लत ने बनाया स्नैचर!
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए ही उन्होंने बैंक के बाहर इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गुरुग्राम में हुई दो अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया है। इन दोनों मामलों में पटौदी और बिलासपुर थानों में पहले से केस दर्ज हैं।
अब कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी पुलिस
पुलिस दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश करेगी। पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर उनसे अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ करेगी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बैंक के अंदर से ही आरोपियों ने पीड़ित की रेकी की थी या इस तरह की वारदातों के लिए उनका कोई और नेटवर्क भी काम कर रहा है।
