गुरुग्राम में C&D Waste उठाने के लिए अब कितने रुपये देने होंगे?

गुरुग्राम शहर में निर्माण एवं विध्वंस यानी C&D Waste की अवैध dumping और उससे होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने मलबे के निस्तारण की दरें तय कर दी हैं। अब छोटे C&D Waste Generator को महज 50 रुपये प्रति टन की दर से मलबा उठाने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए नगर निगम के पोर्टल के जरिए booking करानी होगी।

नगर निगम की इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क किनारे, खाली प्लॉट और सार्वजनिक जगहों पर निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को फेंकने की समस्या पर रोक लगाना है। निगम के मुताबिक booking के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मलबा उठाकर C&D Waste Plant तक पहुंचाया जाएगा।

छोटे जनरेटर के लिए 50 रुपये प्रति टन शुल्क
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका ने सदन की बैठक में C&D Waste के निस्तारण की दरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे C&D Waste Generator के लिए मलबा उठाने का शुल्क 50 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया है। छोटे निर्माण कार्य, घर में renovation या अन्य कामों के दौरान निकलने वाले मलबे के लिए लोग नगर निगम के पोर्टल के माध्यम से booking करा सकेंगे।

Bulk C&D Waste Generator के लिए 360 रुपये प्रति टन
वहीं बड़ी मात्रा में C&D Waste उत्पन्न करने वाले Bulk C&D Waste Generator के लिए निस्तारण शुल्क 360 रुपये प्रति टन तय किया गया है। हालांकि Bulk Generator के लिए घर या construction site से मलबा उठाने की सुविधा नहीं होगी। ऐसे जनरेटर को अपना मलबा खुद निर्धारित C&D Waste Plant तक पहुंचाकर जमा कराना होगा।

पोर्टल से होगी C&D Waste की Booking
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका के मुताबिक C&D Waste के निस्तारण के लिए पोर्टल के माध्यम से booking की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य मलबे के उठान और निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। नगर निगम चाहता है कि निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा सड़क, खाली प्लॉट या किसी सार्वजनिक स्थान पर डालने के बजाय निर्धारित स्थान तक पहुंचे।

बसई प्लांट में पहुंचा करीब 7.96 लाख मीट्रिक टन मलबा
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल बसई स्थित C&D Waste Plant में करीब 7 लाख 96 हजार मीट्रिक टन मलबा पहुंचा था। शहर में निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ C&D Waste की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नगर निगम के सामने मलबे के सही तरीके से collection और disposal के साथ-साथ अवैध dumping रोकने की भी चुनौती है।

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