अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं और गाड़ी में FASTag लगा हुआ है, तो टोल प्लाजा पर एक छोटी सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। FASTag को गाड़ी की फ्रंट विंडशील्ड पर सही तरीके से लगाना जरूरी है। अगर FASTag विंडशील्ड पर चिपका हुआ नहीं है और उसे गाड़ी के अंदर रखकर टोल लेन से गुजरते हैं, तो आपको दोगुना टोल देना पड़ सकता है। NHAI ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की हुई है।

FASTag को हाथ में रखकर टोल पार करना पड़ेगा महंगा
कई वाहन चालक FASTag को विंडशील्ड पर चिपकाने के बजाय डैशबोर्ड या गाड़ी के अंदर रख लेते हैं। ऐसी स्थिति में टोल प्लाजा पर FASTag रीड होने में परेशानी हो सकती है और वाहन को ज्यादा समय तक रुकना पड़ सकता है। NHAI के मुताबिक, जानबूझकर FASTag को फ्रंट विंडशील्ड पर फिक्स नहीं करने और FASTag लेन में प्रवेश करने पर double user fee वसूली जा सकती है। इसका मकसद टोल प्लाजा पर होने वाली देरी और ट्रैफिक की परेशानी को कम करना है।
CCTV में रिकॉर्ड हो सकती है गाड़ी
NHAI की गाइडलाइन के मुताबिक, ऐसे मामलों में टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों से वाहन का Vehicle Registration Number यानी VRN रिकॉर्ड किया जा सकता है। यानी अगर FASTag सही जगह पर नहीं लगा है, तो सिर्फ टोल बूथ पर मौजूद कर्मचारी की जांच पर ही मामला निर्भर नहीं रहेगा।
FASTag कितना जरूरी हो गया है?
देश के नेशनल हाईवे पर FASTag आधारित Electronic Toll Collection सिस्टम लागू है। मार्च 2026 तक देशभर में करीब 6.05 करोड़ FASTag एक्टिव थे और नेशनल हाईवे पर 98 फीसदी से ज्यादा यूजर फीस FASTag के जरिए कलेक्ट हो रही थी। FASTag ट्रांजैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होता है।
इसके अलावा NHAI अब टोल कलेक्शन को और ज्यादा डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में काम कर रहा है। दिल्ली-जयपुर NH-48 पर जून 2026 में दालतपुरा टोल प्लाजा पर Multi-Lane Free Flow सिस्टम भी शुरू किया गया, जिसमें FASTag के साथ ANPR कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वाहन चालकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप हाईवे पर सफर करने वाले हैं तो निकलने से पहले FASTag की स्थिति जरूर चेक करें। FASTag को गाड़ी की फ्रंट विंडशील्ड पर निर्धारित जगह पर सही तरीके से चिपकाकर रखें ताकि टोल प्लाजा पर स्कैनिंग में परेशानी न हो और आपको अतिरिक्त टोल न देना पड़े।
