सर्दियों के साथ हर साल बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को लेकर गुरुग्राम नगर निगम ने इस बार पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। सड़क की धूल से लेकर निर्माण एवं कचरे, ट्रैफिक जाम और हवा की रियल-टाइम निगरानी तक कई स्तरों पर काम करने की योजना बनाई गई है। हालांकि, इन तैयारियों का वास्तविक असर सर्दियों में जमीन पर दिखाई देगा।निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में हुई बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों और वर्ष 2026 के लक्ष्यों की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की जानकारी दी।

कितनी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन होंगे ?
गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता पर निगरानी और मजबूत करने की तैयारी है। फिलहाल शहर में 3 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 8 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पांच अतिरिक्त स्थानों की जरूरत चिन्हित की गई है और दिसंबर 2026 तक इन्हें स्थापित करने की समयसीमा तय की गई है। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण के स्तर की ज्यादा सटीक निगरानी की जा सकेगी और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को डेटा के आधार पर लागू करने में मदद मिलेगी।
कितने किलोमीटर सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग
गुरुग्राम में प्रदूषण की एक बड़ी वजह मानी जाने वाली सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए उपयुक्त पाया है। वर्तमान में निगम के पास 24 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें हैं। इनके जरिए प्रतिदिन 600 किलोमीटर से अधिक 4-लेन सड़क कवरेज का प्रावधान है। मशीनों को मुख्य रूप से रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक चलाया जाता है।
इन मशीनों की गतिविधियों पर GPS के जरिए नजर रखी जाती है। इसके अलावा फील्ड अधिकारियों द्वारा दैनिक प्रदर्शन लॉग और मैनुअल सत्यापन भी किया जाता है। सर्दियों में ग्रेप लागू होने से पहले अतिरिक्त मशीनों की खरीद और तैनाती की तैयारी भी की जा रही है। 30 सितंबर 2026 तक अतिरिक्त मशीनों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। खासतौर पर धूल वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्वीपिंग को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन की भी तैयारी
प्रदूषण नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। नगर निगम के पास फिलहाल 40 वाटर स्प्रिंकलर उपलब्ध हैं। इसके अलावा 10 ट्रक-माउंटेड और 3 ट्रैक्टर-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन उपलब्ध हैं। ग्रेप की अवधि में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी लिए जाएंगे।
निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन पर भी निगम ने फोकस किया है। गुरुग्राम में C&D वेस्ट के लिए 1,500 टन प्रतिदिन की प्रोसेसिंग क्षमता उपलब्ध है।इसके अलावा 12 सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट विकसित कर उन्हें MCG के C&D वेस्ट पोर्टल पर लाइव किया जा चुका है। 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक 3,38,071 टन C&D वेस्ट का ऑफटेक किया गया है। C&D वेस्ट की निगरानी के लिए वेब कैमरे लगाने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है।

कितने किलोमीटर सड़कें पुनर्विकास के लिए चिन्हित
गुरुग्राम रोड रिडेवलपमेंट प्लान की भी बैठक में समीक्षा हुई। नगर निगम के तहत कुल 2,091 किलोमीटर सड़क नेटवर्क में से 1,480 किलोमीटर सड़कें अच्छी स्थिति में हैं, जबकि 611 किलोमीटर सड़कें पुनर्विकास के लिए चिन्हित की गई हैं। वर्ष 2026 के लिए 396 किलोमीटर सड़क के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 376.72 किलोमीटर के लिए प्रशासनिक स्वीकृति, 371.2 किलोमीटर के लिए टेंडर और 335.24 किलोमीटर के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। अब तक 179.04 किलोमीटर सड़क का पुनर्विकास पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई।
कैमरों से होगी ट्रैफिक की निगरानी
प्रदूषण कम करने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करना भी जरूरी माना गया है। इसी के तहत वर्ष 2026 के लिए 31 शॉर्ट-टर्म ट्रैफिक कंजेशन हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से चार स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्थानों पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम चल रहा है। गुरुग्राम में ITMS यानी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है। पहले चरण में 218 स्थानों पर 1,200 कैमरे लाइव हैं। दूसरे चरण में 258 स्थानों पर 2,722 कैमरे लगाने की व्यवस्था पर काम चल रहा है। इसके अलावा करीब 80 किलोमीटर फाइबर नेटवर्क और 88 CCTV लोकेशन पर भी काम जारी है। करीब 1,400 ITMS कैमरों में ANPR की सुविधा का प्रावधान किया गया है।
पार्किंग व्यवस्था पर भी जोर
बैठक में पार्किंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। फिलहाल सरकारी विभागों की ओर से संचालित 64 सरफेस पार्किंग में 19,585 वाहनों की क्षमता उपलब्ध है। सदर बाजार की नगर निगम मल्टीलेवल पार्किंग में 230 चारपहिया और 100 दोपहिया वाहनों की क्षमता है। इसके अलावा कमान सराय सरफेस पार्किंग का काम पूरा हो चुका है। पोस्ट ऑफिस और अग्रसेन चौक के पास मल्टीलेवल पार्किंग समेत अन्य स्थानों पर भी काम किया जा रहा है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने रोड डस्ट मैनेजमेंट, मैकेनिकल स्वीपिंग, वाटर स्प्रिंकलिंग, एंटी-स्मॉग गन, धूल मुक्त सड़कों और C&D वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने आगामी ग्रेप अवधि से पहले जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए।
