गुरुग्राम के PG, होटल और अस्पतालों में क्या सुरक्षित हैं लोग? सर्वे में बड़ा खुलासा

गुरुग्राम में आग लगने पर लोगों की जान कैसे बचेगी, जब कई इमारतों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम ही पूरे नहीं हैं? दमकल विभाग के सर्वे में 1278 ऐसी इमारतें मिली हैं, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है। इनमें पीजी, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, पब, बार और निजी अस्पतालों के साथ कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतें भी शामिल हैं।

10 हजार से ज्यादा इमारतों की जांच
दमकल विभाग ने पिछले एक साल में गुरुग्राम की 10 हजार से अधिक इमारतों का निरीक्षण किया। इस काम के लिए छह से ज्यादा टीमें लगाई गई थीं। सर्वे का मकसद यह पता लगाना था कि इमारतों में आग से बचाव के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जांच के दौरान 1278 इमारतों के पास फायर एनओसी नहीं मिली। इसके अलावा, कई जगह आग बुझाने के आधुनिक उपकरण, स्प्रिंकलर सिस्टम, वाटर हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक निजी होटल में आग लगने की घटना के बाद गुरुग्राम में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई। भीड़भाड़ वाली इमारतों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में फायर सेफ्टी के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

1278 भवन मालिकों को नोटिस
दमकल विभाग ने फायर एनओसी नहीं मिलने वाली इमारतों के मालिकों और संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एफएसओ नरेंद्र यादव के मुताबिक, 1278 भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं। अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि नोटिस मिलने के बाद इन इमारतों में आग से बचाव के इंतजाम कितनी जल्दी पूरे किए जाते हैं और नियमों की अनदेखी करने वालों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है?

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