गुरुग्राम में कुछ ऐसा बनने की तैयारी है, जिसे देखने के बाद आपको दुबई और सिंगापुर की याद आ सकती है। ऊंची इमारतें, शानदार ऑफिस, बड़े होटल और आधुनिक सुविधाएं… लेकिन इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास आकर्षण होगा एक वर्ल्ड-क्लास आइकॉनिक टावर। सवाल है कि आखिर गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी की तस्वीर कैसी होने वाली है और यह प्रोजेक्ट कब तक तैयार होगा?
हरियाणा के गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को विश्वस्तरीय बिजनेस और रिहायशी केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस परियोजना के तहत एक शानदार आइकॉनिक टावर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) सलाहकार नियुक्त करेगा, जो टावर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा।

ग्लोबल सिटी में क्या-क्या बनने वाला है?
ग्लोबल सिटी को केवल इमारतों का शहर नहीं, बल्कि एक ऐसा आधुनिक केंद्र बनाने की योजना है, जहां कारोबार, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें। यहां ऑफिस टावर, रिहायशी इमारतें, शॉपिंग और रिटेल मार्केट, होटल, अस्पताल, स्कूल, विवाह महल और सामुदायिक केंद्र विकसित करने की योजना है। आइकॉनिक टावर इस पूरे प्रोजेक्ट की पहचान बन सकता है। हालांकि, टावर की ऊंचाई, डिजाइन और निर्माण की समयसीमा अभी विस्तृत योजना के बाद स्पष्ट होगी।
1003 एकड़ में बस रही ग्लोबल सिटी
ग्लोबल सिटी को द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे गुरुग्राम के सेक्टर-36, 36बी, 37, 37ए और 37बी में करीब 1003 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण पर लगभग 940 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पहले चरण का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन महीने में बुनियादी सुविधाएं तैयार करने की योजना
ग्लोबल सिटी में निवेशकों को प्लॉट खरीदने के बाद बिजली, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। योजना के तहत सड़क, बिजली आपूर्ति, पानी और सीवेज सिस्टम जैसे बुनियादी ढांचे से जुड़े काम तीन महीने में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अलग-अलग आकार के प्लॉट ई-नीलामी के जरिए निजी डेवलपर्स को दिए जाएंगे। खासकर कमर्शियल प्लॉट को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बताई जा रही है।
हर महीने होगी प्रोजेक्ट की समीक्षा
HSIIDC के DGM अरुण गर्ग के मुताबिक, हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह इस परियोजना की हर महीने समीक्षा करते हैं। ग्लोबल सिटी को विश्वस्तरीय बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस परियोजना में दुबई जैसे आधुनिक शहरी विकास मॉडल से सीख लेने की बात भी शामिल है। योजना को नए सिरे से तैयार करने का उद्देश्य पुराने शहरों में सामने आने वाली सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को कम करना है।
पांच लाख से ज्यादा रोजगार का दावा
ग्लोबल सिटी को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद निवेश और रोजगार को लेकर है। इस परियोजना में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश और पांच लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान जताया गया है। अगर योजना तय दिशा में आगे बढ़ती है, तो ग्लोबल सिटी गुरुग्राम के आर्थिक विकास को नई गति दे सकती है। इससे कारोबार, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
