रात का सन्नाटा था… ट्राला अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहा था और केबिन में एक हेल्पर गहरी नींद में सो रहा था। तभी अचानक दो ट्रालों के बीच ऐसी जोरदार टक्कर हुई कि एक केबिन आग का गोला बन गया। चालक और एक हेल्पर तो किसी तरह कूदकर बच निकले, लेकिन अंदर सो रहे तीसरे शख्स को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में उसकी जिंदगी खत्म हो गई!

कहाँ हुआ हादसा?
दरअसल, यह दर्दनाक हादसा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर राठीवास फ्लाईओवर का है। बृहस्पतिवार देर रात करीब डेढ़ बजे राजस्थान से गुरुग्राम की तरफ दो ट्राले जा रहे थे। आगे चल रहे ट्राले में टाइलें और पीछे वाले ट्राले में जीरो रोड़ी भरी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही दोनों ट्राले राठीवास फ्लाईओवर की ढलान पर पहुंचे, आगे चल रहे ट्राले के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रहा ट्राला अनियंत्रित हो गया और सीधे आगे वाले ट्राले से जा टकराया।
कैसे लगी आग
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीछे चल रहे ट्राले के केबिन में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त केबिन में तीन लोग मौजूद थे।आग लगते ही चालक ने बाहर छलांग लगा दी, लेकिन नीचे गिरने से उसके घुटनों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। वहीं, एक हेल्पर भी किसी तरह बाहर कूद गया, लेकिन उसके हाथ-पैर झुलस गए।
दूसरा हेल्पर झूलस गया
दूसरी तरफ, केबिन में सो रहा दूसरा हेल्पर आग में फंस गया। आग इतनी तेजी से फैली कि उसे बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और उसकी जिंदा जलने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद बुरी तरह झुलसे हेल्पर को पटौदी के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के गांव बबेड़ी निवासी योगेश के रूप में हुई है।
उधर, इस हादसे के बाद पुलिस ने आगे चल रहे ट्राले के चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और अचानक ब्रेक लगाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक तरफ दो लोगों ने कूदकर अपनी जान बचा ली, तो दूसरी तरफ केबिन में सो रहे योगेश को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हुआ यह हादसा एक परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे गया।
